प्रो. नागेंद्र अंबेडकर सोले को अरविंद के. शर्मा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2026, सार्वजनिक प्रशासन में योगदान के लिए सम्मान
श्रवण कुमार | मूकनायक
कुरुक्षेत्र। सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में लंबे समय से अकादमिक योगदान और समर्पित सेवाओं के लिए प्रो. (डॉ.) नागेंद्र अंबेडकर सोले को अरविंद के. शर्मा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित न्यू पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन सोसाइटी ऑफ आइडियाज (NEPASI) की ओर से यह सम्मान 24 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। उन्हें सार्वजनिक प्रशासन विषय के विकास, अकादमिक उन्नति और शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया।
पुरस्कार के साथ जारी प्रशस्ति पत्र में प्रो. सोले के लंबे अकादमिक अनुभव, विषय के प्रति समर्पण और सार्वजनिक प्रशासन के अध्ययन को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका को सम्मान का आधार बताया गया। यह सम्मान उनके अकादमिक कार्यों और सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में निरंतर सेवाओं की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
सम्मान समारोह में कई विशिष्ट हस्तियां रहीं मौजूद
कुरुक्षेत्र में आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इनमें राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सलाहकार डॉ. विजया लक्ष्मी मोहंती, नेपाल सरकार के पूर्व सचिव कृष्ण हरि बसोता, NEPASI के अध्यक्ष प्रो. जनक सिंह मीणा तथा सार्वजनिक प्रशासन विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार भाट शामिल रहे।
समारोह के दौरान NEPASI के अध्यक्ष प्रो. जनक सिंह मीणा ने प्रो. नागेंद्र अंबेडकर सोले को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में अकादमिक कार्य, विषय के विकास और प्रशासनिक अध्ययन की उपयोगिता को लेकर भी चर्चा हुई।
अकादमिक योगदान और समर्पित सेवाओं को मिली पहचान
अरविंद के. शर्मा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और अकादमिक सेवाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। प्रो. सोले को मिला यह सम्मान उनके कार्यों, विषय के प्रति प्रतिबद्धता और सार्वजनिक प्रशासन के अध्ययन एवं विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।
प्रो. नागेंद्र अंबेडकर सोले की इस उपलब्धि पर उनके विद्यार्थियों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। उनकी उपलब्धि अकादमिक क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों और शोधार्थियों के योगदान को पहचान देने के महत्व को भी सामने लाती है।
प्रो. सोले को मिला यह सम्मान उनके अकादमिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।

