नायब श्रम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, नियुक्ति-पत्र, साप्ताहिक अवकाश और नए श्रम कानूनों के सख्त पालन की मांग
मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत क्षेत्र के लाखों कामगारों, कारीगरों और मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा को लेकर आंबेडकरवादी एकता मिशन और राष्ट्रीय मजदूर सेना ने सोमवार को नायब श्रम आयुक्त कार्यालय, बहुमाली भवन, नानपुरा में विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन ने केंद्र सरकार के नए श्रम कानूनों की पारदर्शी एवं सख्त अनुपालना सुनिश्चित करने की मांग की।
संगठन की ओर से कहा गया कि सूरत के वस्त्र उद्योग, हीरा उद्योग, एम्ब्रॉयडरी, पावरलूम, डाइंग-प्रिंटिंग, निर्माण तथा ठेका श्रमिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कामगार कार्यरत हैं। इन कामगारों को उनके कानूनी अधिकार दिलाने के लिए श्रम विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का तारीखवार लिखित विवरण भी मांगा गया।
ज्ञापन में नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद सूरत के औद्योगिक क्षेत्रों में उनकी वास्तविक अनुपालना के लिए श्रम विभाग द्वारा उठाए गए प्रशासनिक एवं कानूनी कदमों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई। इसके अलावा कामगारों को कानून के अनुसार साप्ताहिक अवकाश उपलब्ध कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारखानों एवं प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
संगठन ने प्रतिदिन आठ घंटे की निर्धारित कार्य अवधि से अधिक काम लेने पर नियमानुसार दोगुनी दर से ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग भी की। वहीं, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थितियां संहिता (OSH Code) के तहत प्रत्येक कामगार को अनिवार्य रूप से नियुक्ति-पत्र देने की मांग की गई। नियुक्ति-पत्र में पद, वेतन दर, रोजगार श्रेणी, पीएफ/ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा तथा नियोक्ता का पूरा नाम और पता दर्ज करने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में एम्ब्रॉयडरी जॉबवर्क एसोसिएशन (TEJAS) तथा दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) को श्रम कानूनों के पालन के संबंध में श्रम विभाग द्वारा भेजे गए पत्रों एवं निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इसके साथ ही कामगारों को वेतन पर्ची, वेतन रिकॉर्ड तथा रोजगार से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए चलाए गए जनजागरूकता अभियानों की जानकारी देने और पावरलूम, हीरा उद्योग, एम्ब्रॉयडरी तथा अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भेजे गए नोटिस एवं पत्राचार का तारीखवार विवरण देने की मांग की गई।
इस अवसर पर आंबेडकर एकता मिशन के प्रणेता एवं राष्ट्रीय मजदूर सेना के उपाध्यक्ष डॉ. अनिल थोरात, राष्ट्रीय प्रभारी हंसराज ससाणे, महिला संयोजिका सुनीताबेन बोरकर, महिला सह-संयोजिका सुनीताबेन सोनार, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष दिव्येशभाई वाणिया, गुजरात प्रदेश महामंत्री दिनेशभाई सोलंकी, कामगार नेता आनंदभाई कुशवाह, कामगार प्रतिनिधि खुशीराम कुशवाह, शिवाभाई कुशवाह, विष्णुभाई कोली (कबीरपंथ) सहित बड़ी संख्या में कामगार उपस्थित रहे।
कामगार नेताओं ने कहा कि सूरत के विकास में कामगारों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन अनेक कामगारों को उनके कानूनी अधिकार, साप्ताहिक अवकाश और नियुक्ति-पत्र से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रम विभाग की ओर से उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक एवं लिखित कार्रवाई नहीं की गई, तो 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को सूरत शहर में तथा सूरत कलेक्टर कार्यालय के समक्ष तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

