Monday, October 19, 2026
Homeगुजरातकांस्टेबल से आईपीएस तक पहुंचे विजय सिंह गुर्जर ने किसानों को दिलाई...

कांस्टेबल से आईपीएस तक पहुंचे विजय सिंह गुर्जर ने किसानों को दिलाई बड़ी राहत, 100 करोड़ की जमीन के दस्तावेज लौटाने में निभाई अहम भूमिका

मूकनायक समाचार । सूरत

गुजरात के राजकोट ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर ने सूदखोरों के चंगुल में फंसे किसानों को राहत दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्रवाई कर सराहना हासिल की है। राजकोट ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की 522 बीघा कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज 36 किसानों को वापस दिलाए गए। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी पुलिस टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। विजय सिंह गुर्जर की इस उपलब्धि से सूरत सहित दक्षिण गुजरात के गुर्जर समाज में खुशी का माहौल है। दक्षिण गुजरात गुर्जर समाज के समाजसेवियों हरिश भाई गुर्जर, ऊगमा भाई गुर्जर, मोतीलाल, चेनाराम, रतन भाई, लादुराम, अशोक जी, बुद्धाराम जी, भंवर जी और देवीलाल सहित समाज के अन्य लोगों ने इस कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजय सिंह गुर्जर को शुभकामनाएं दीं।
सूदखोरों के चंगुल से किसानों को मिली राहत: प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकोट ग्रामीण क्षेत्र में कथित अवैध साहूकारी और जमीन से जुड़े मामलों में किसानों की कृषि भूमि के दस्तावेजों के दुरुपयोग तथा जमीन पर कब्जे की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों के बाद राजकोट ग्रामीण पुलिस ने विशेष जांच दल गठित कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय सिंह गुर्जर की निगरानी में पुलिस और राजस्व विभाग के समन्वय से लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की 522 बीघा कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेज 36 किसानों को वापस दिलाने में सफलता मिली। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में किसानों को दस्तावेज सौंपे जाने की इस कार्रवाई को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल से बने आईपीएस अधिकारी: विजय सिंह गुर्जर की जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के देवीपुरा बणी गांव में किसान परिवार में जन्मे विजय सिंह गुर्जर ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में की थी। इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया। वे गुजरात कैडर के वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी तक पहुंचने का उनका सफर दृढ़ संकल्प, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
सूरत में भी निभा चुके हैं जिम्मेदारी: विजय सिंह गुर्जर गुजरात पुलिस में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। सूरत में तैनाती के दौरान वे जोन-4 में पुलिस उपायुक्त के पद पर भी कार्यरत रहे। इसके बाद उन्हें राजकोट ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। किसानों को राहत दिलाने की हालिया कार्रवाई ने उनकी कार्यशैली को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
समाजसेवियों ने जताई खुशी: दक्षिण गुजरात गुर्जर समाज के लोगों ने कहा कि किसानों को उनकी जमीन से जुड़े दस्तावेज वापस दिलाने की कार्रवाई जरूरतमंदों के हित में सराहनीय पहल है। समाज के लोगों ने विजय सिंह गुर्जर और राजकोट ग्रामीण पुलिस टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से आम नागरिकों का कानून और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होता है। विजय सिंह गुर्जर की उपलब्धि युवाओं को संघर्ष के साथ आगे बढ़ने और जनसेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती है।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments