मूकनायक समाचार । अहमदाबाद
राज्य सरकार द्वारा पास किए गए गुजरात भाडा विधेयक-2026 के विरोध में आज अहमदाबाद समेत राज्यभर की सभी कोर्टो में वकीलों की हडताल और आंदोलन को उग्र स्वरूप देने के लिए अब बैठकों का दौर शुरू हुआ है। वकील मंडलो और वकील अग्रणीयों द्वारा न्याय संकुल के सभी गेट पर शेतरंजी बिछाकर जमकर विरोध करने के लिए आवाज बुलंद की है। किसी भी भोग से गुजरात भाडा विधेयक-2026 वापस खिंचने के लिए वकील आलम मक्कम है ऐसे में अहमदाबाद बार एसोसियेशन और स्मोल कोज कोर्ट बार एसोसियेशन द्वारा आज दोपहर गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसियेशन द्वारा सोमवार को इस मामले बैठक बुलाई है। दूसरी ओर वकीलों की सज्जड हडताल को लेकर सरकार की चिंता में बढोतरी हो गई है।
गुजरात भाडा विधेयक-2026 के विरोध में वकीलों की हडताल के कारण आज भी अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट, सूरत, वडोदरा समेत राज्य भर में सभी कोर्टो में कोर्ट कार्य ठप रहने की आशंका जताई है। जिला-तालुका कोर्टो के वकीलो ने भी एक संप होकर कोर्ट कार्य का बहिष्कार कर आंदोलन को सपोर्ट किया है। कल राज्य के न्याय संकुलो के दरवाजाओ गेट के पास शेतरंजी बिछाकर बैठकर विरोध, सूत्रोच्चार, तालाबंधी, बैनरो प्रदर्शित करने के साथ आश्चर्यकारक कार्यक्रम भी दिए गए है।
आज भी भद्र सिटी सिविल एन्ड सेसन्स कोर्ट, धी कांटा फौजदारी कोर्ट, अहमदाबाद ग्राम्य कोर्ट, स्मोल कोज कोर्ट, गुजरात रेवन्यु ट्रिब्युनल, बोर्ड ओफ नोमीनीज कोर्ट समेत की अहमदाबाद की सभी कोर्टो समेत राज्यभर के जिला-तहसील की कोर्टो में वकीलों ने कोर्ट कार्य से बहिष्कार करने का फैसला किया है। वकीलआलम की ओर से राज्य सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी भी भोग से नया कानून (गुजरात भाडा विधेयक-2026) वापस नहीं खिंचा गया और पुराना रेन्ट एक्ट-1947 लागु नहीं हुआ तो हडताल के आंदोलन को उग्र स्वरूप दिया जायेगा। अहमदाबाद सिटी सिविल एन्ड सेसन्स कोर्ट के अहमदाबाद बार एसोसियेशन और अहमदाबाद स्मोल कोज कोर्ट्स बार एसोसियेशन द्वारा आज दोपहर बुलाई गई बैठक में आंदोलन को आगे बढाने के लिए महत्व की रणनीति और रूपरेखा तैयार होगी। जोकि वकीलों में जबरदस्त आक्रोश और किसी भी भोग से गुजरात भाडा विधेयक-2026 वापस खिंचने के लिए अंत तक लडने के मूड में और मक्कम है। नीचली कोर्टो के वकीलों का संप और आंदोलन देखते हुए अब गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसियेशन ने भी सोमवार को महत्व की बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन को सपोर्ट देने के लिए फैसला लेने की संभावना है।
वकीलों की अंतिम तीन दिन से अहमदाबाद की सभी कोर्टो के साथ सूरत, राजकोट, गोधरा, वडोदरा, भरूच, गांधीनगर, महेसाणा, पंचमहाल, नर्मदा, बनासकांठा, पालनपुर समेत जिला-तहसीलों की सभी कोर्टो में कोर्ट कार्रवाई जबरदस्त रूप से ठप कर दी गई है, जिसके कारण हजारों मामलों में मुद्दत पडने का प्रभाव पडा है। राज्यभर की कोर्ट कार्य ठप रहने से कई अरजन्ट मामलों को भी प्रभाव पडेगा क्योंकि तपासनीस अधिकारी, जाप्ता के आदमियों के सरकारी वकीलों भी कोर्ट तक पहुंच नहीं सके थे।

