
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव से कॉन्क्लेव में हुआ सीधा संवाद, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिखाई आयोजन की झलक; उपस्थित सभी लोगों ने खड़े होकर तालियों से किया सम्मान

रायपुर, 28 जुलाई। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य के पहले स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में उस समय भावुक और गौरवपूर्ण माहौल बन गया, जब ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली ज्ञानेश्वरी यादव वीडियो कॉल के माध्यम से कॉन्क्लेव से जुड़ीं। जैसे ही उनका चेहरा बड़ी स्क्रीन पर दिखाई दिया, सभागार में उपस्थित खेल विशेषज्ञों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों ने खड़े होकर जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत और सम्मान किया।

उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉल के माध्यम से ज्ञानेश्वरी यादव को स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव की गतिविधियों और कार्यक्रम में शामिल देशभर के खेल विशेषज्ञों, खिलाड़ियों तथा अतिथियों की झलक दिखाई। इस अवसर पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और सभी ने ज्ञानेश्वरी को कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर छत्तीसगढ़ तथा देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
ग्लासगो से वीडियो कॉल पर जुड़ी ज्ञानेश्वरी यादव ने छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए इस तरह का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व स्तर तक पहुंचाना उनके लिए गर्व का विषय है।
ज्ञानेश्वरी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रशिक्षकों, परिवार, खेल विभाग, सरकार तथा प्रदेशवासियों के सहयोग और आशीर्वाद को देते हुए कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आप सभी के आशीर्वाद, सहयोग और विश्वास के कारण ही यह उपलब्धि हासिल हो सकी है। इसके लिए वह सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।
कॉन्क्लेव में मौजूद खिलाड़ियों और खेल विशेषज्ञों ने ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की उभरती खेल शक्ति का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि उचित अवसर, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का गौरव बढ़ा सकते हैं।
स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के इस भावनात्मक क्षण ने न केवल ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धि का सम्मान किया, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रदर्शन का संकल्प भी जगाया।

