मूकनायक /राम लाल यादव संपादक राजस्थान
बांसवाड़ा/ राजस्थान
आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे आयोजन की, जिसने केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प लिया।
सरोदा चौखला के कटकेश्वर महादेव मंदिर हॉल में आयोजित यादव समाज मार्गदर्शन सेमिनार एवं महिला सम्मेलन ने शिक्षा, संगठन, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर नवयुवक मंडल, सरोदा चौखला के तत्वावधान में हुआ। अध्यक्षता रामलाल जी यादव वसुंधर छोटी (नायब तहसीलदार) ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में ज्ञान ज्योति सेवा संस्थान, उदयपुर के संचालक राहुल मेघवाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि जयसुख (अहमदाबाद) । रामलाल यादव मूकनायक संपादक राजस्थान रहे
प्रधान सलाहकार मोगाजी सरोदा, मानशंकर कोलखंडा, मगनलाल चिबुड़ा, भीम आर्मी उदयपुर संभाग महामंत्री रोशन मेघवाल, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष अमृतलाल कतिसौर, उपाध्यक्ष नारायणलाल खेड़ा सामोर, ओमकार जोगीवाड़ा, लालजी भाई पाड़वा, कांतिलाल कतिसौर, रमेश पुंजपुर, धुलजी गड़ा कुम्हारिया, शांतिलाल रिंछा, अशोक पाड़वा, लीलाराम सरोदा, देवीलाल सरोदा, भगवान साबला, नाथूलाल जी साबला, सुरेश यादव सागवाड़ा सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
महिला प्रतिनिधियों मंजुला देवी कतिसौर, शांति देवी और दुर्गा देवी यादव ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि से हुआ।
इसके बाद सभी अतिथियों का पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया।
स्वागत उद्बोधन देते हुए नवयुवक मंडल के संरक्षक ओमप्रकाश नांदली अहाड़ा ने सभी अतिथियों एवं समाजजनों का अभिनंदन किया और शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
विशिष्ट अतिथि जयसुख ने कहा कि
जिस समाज की माताएँ शिक्षित और जागरूक होती हैं, उस समाज का भविष्य स्वतः उज्ज्वल हो जाता है।
उन्होंने महिलाओं से बच्चों को संस्कारवान एवं शिक्षित बनाने का आह्वान किया तथा फिजूलखर्ची छोड़कर शिक्षा में निवेश करने की प्रेरणा दी।
मूकनायक संपादक राजस्थान रामलाल यादव जड़स ने वैज्ञानिक सोच, तर्क आधारित शिक्षा तथा महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को समाज के विकास में नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। हर घर गाँव से पत्रकार बने हमसे जुडे तथा वंचीतो की आवाज बने जिससे उन्नत समाज का निर्माण होगा ।
मगनलाल चिबुड़ा ने समाज को संगठित रहने और शिक्षा के माध्यम से नई चेतना जगाने का आह्वान किया।
देवीलाल कोलखंडा ने विद्यार्थियों से अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनकर मेहनत करने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी।
मुख्य अतिथि ज्ञान ज्योती कोचिंग के संस्थापक राजस्थान मे शिक्षा क्रांन्ति के अग्रदूत राहुल मेघवाल का संबोधन पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने कहा—
शिक्षा ही परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से बताया कि सही दिशा में निरंतर मेहनत करने वाला विद्यार्थी ही समाज और राष्ट्र का भविष्य बनता है।
उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा—
आज बेटा और बेटी दोनों समान हैं। समाज को अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा देकर आर एएस,आईएएस तथा अन्य उच्च प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयार करना चाहिए। जब हमारी बेटियाँ बड़े पदों पर पहुँचेंगी तभी समाज वास्तविक रूप से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कार्यकारिणी से अपील की कि ऐसा शिक्षा मार्गदर्शन सेमिनार प्रतिवर्ष आयोजित किया जाए तथा समाज का शिक्षित वर्ग आर्थिक और बौद्धिक सहयोग देकर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करे। उन्होंने मूकनायक के समाज और देश मे महत्वपूर्ण योगदान पर युवाओ को मीडिया मे आने हेतु सुझाव दिया ।
कार्यक्रम को चंदूलाल खेरवाड़ा, अमृतलाल कतिसौर, रोशन मेघवाल (भीम आर्मी संभाग महामंत्री, उदयपुर), रामलाल वसुंधर तथा जितेंद्र नांदली अहाड़ा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर नवयुवक मंडल के महामंत्री नाथूलाल पिण्डावल, कोषाध्यक्ष गौतमलाल सामलिया, दिनेश जसपुर, राजेश कतिसौर, राजेंद्र पिण्डावल, गोविन्द कराड़ा, गणेश पाड़वा, हरीश चिबुड़ा, नारायण खेड़ा, भावेश लपनिया, विजय रामगढ़, नीरज पुंजपुर, कमलेश पड़ोली सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साथ ही अम्बेडकर सेवा संस्थान ट्रस्ट एवं अम्बेडकर राइट के पदाधिकारी तथा समाज के अनेक शिक्षाविद, बुद्धिजीवी और सैकड़ों महिला-पुरुष एवं विद्यार्थियों की प्रेरणादायी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संयुक्त संचालन डायालाल कराड़ा एवं ओमप्रकाश नांदली अहाड़ा ने किया, जबकि नाथूलाल जी पिण्डावल ने सभी अतिथियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
समापन संदेश
आज आवश्यकता केवल सम्मेलन करने की नहीं, बल्कि हर घर में शिक्षा की अलख जगाने की है। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर बच्चा विद्यालय पहुँचेगा, हर बेटी उच्च शिक्षा पाएगी और हर युवा अपने ज्ञान, चरित्र और कर्म से समाज का नेतृत्व करेगा।
आइए संकल्प लें—
न फिजूल खर्च करेंगे, न शिक्षा से समझौता करेंगे।
हर घर से निकलेगा एक अधिकारी, एक वैज्ञानिक, एक शिक्षक और एक जिम्मेदार नागरिक।
शिक्षित समाज ही संगठित समाज है, और संगठित समाज ही समृद्ध समाज बनाता है।

