



पूछताछ में कई अहम खुलासे, टेलीग्राम के जरिए सक्रिय था नेटवर्क; गांव-गांव एजेंट बनाकर फैलाया गया था निवेश का जाल
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट
बहुचर्चित डबल मनी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी सोमेन्द्र से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस जांच में मिले तथ्यों और आरोपी के कथित बयानों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश लगातार की जा रही थी। इसी दौरान जमीन की बिक्री से जुड़े एक सौदे की जानकारी पुलिस के लिए अहम सुराग बनी, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।


पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि उसके नाम का उपयोग कर कई लोगों ने आर्थिक लाभ उठाया और पूरे नेटवर्क में अनेक लोगों ने अपनी भूमिका निभाई। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फरारी के दौरान आरोपी टेलीग्राम एप के माध्यम से अपने करीबी लोगों और नेटवर्क से संपर्क बनाए हुए था। पुलिस अब उसके डिजिटल उपकरणों, चैट रिकॉर्ड और संपर्कों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डबल मनी योजना के प्रचार-प्रसार और निवेश जुटाने के लिए गांव-गांव एजेंटों का एक संगठित नेटवर्क तैयार किया गया था। इन एजेंटों के माध्यम से लोगों को कम समय में रकम दोगुनी होने का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई नए नाम और जानकारियां सामने आई हैं। जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, इस योजना में निवेश कर अपनी राशि गंवाने वाले लोग निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होता जा रहा है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। पुलिस पूरे आर्थिक नेटवर्क, डिजिटल संपर्कों और एजेंटों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

