
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | खैरलांजी (बालाघाट)
खैरलांजी। ग्रामीण विकास को अधिक योजनाबद्ध, पारदर्शी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से जनपद पंचायत खैरलांजी के अंतर्गत ग्राम पंचायत भेंडारा में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव एवं पंचायत कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा ग्रामसभा की भूमिका के संबंध में व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य मधु ऋषि शुक्ला ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि गांवों के समग्र विकास का आधार है। यदि ग्रामसभाओं की सक्रिय सहभागिता के साथ स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जाएं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, कृषि, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा ग्रामसभा को विकास प्रक्रिया का केंद्र बनाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। इसमें ग्राम स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का सर्वेक्षण, आवश्यकताओं का आकलन, प्राथमिकताओं का निर्धारण, विभिन्न विभागों के समन्वय, वित्त आयोग एवं अन्य योजनाओं की राशि का समुचित उपयोग, सामाजिक अंकेक्षण तथा विकास कार्यों की सतत निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि प्रत्येक विकास योजना ग्रामसभा की स्वीकृति के बाद ही अंतिम रूप दी जाए, ताकि विकास कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित हो सकें।
प्रशिक्षण में उपस्थित सरपंचों, सचिवों एवं सहायक सचिवों ने भी पंचायत संचालन से जुड़ी समस्याएं और अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों का समाधान करते हुए पंचायत प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम का सफल संचालन ग्राम पंचायत भेंडारा के सरपंच प्रफुल्ल नगरपुरे एवं सचिव भूषण पांडे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं की प्रतिभागियों ने सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास की दिशा में उपयोगी पहल बताया।
कार्यक्रम में सरपंच नरेन्द्र ठकरेले, चुन्नीलाल भुजाड़े, उर्मिला बिसेन, प्रफुल्ल नगरपुरे, सचिव भूषण पांडे, अगंदप्रसाद बिसेन, महेश हेडाऊ, नंदकिशोर मात्रे, गणेश लवहातरे, नटराज लिल्हारे, हनवत, साहेबलाल नगपुरे, दिनेरा के सरपंच प्रतिनिधि चौहान, बीसी ज्योति चौधरी सहित 16 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव एवं पंचायत कर्मी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने ग्राम पंचायत विकास योजना को समयबद्ध रूप से तैयार करने, ग्रामसभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी ग्राम पंचायतों के कार्यों में नई ऊर्जा का संचार करेगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

