

राज्यपाल रमेन डेका ने किया वाचनालय का उद्घाटन, शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण पर दिया जोर
रायपुर, 21 जुलाई। राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन और पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उद्घाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल ने अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास और व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली छात्राएं शिक्षा और ज्ञान के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।
उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा की भावना प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक छात्राएं शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न राज्य है, जिसकी सांस्कृतिक परंपराएं रामायण काल से जुड़ी हैं। उन्होंने असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि तकनीक और इंटरनेट के इस दौर में जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, सकारात्मक सोच और संतोष का भाव जीवन को सार्थक बनाता है। प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
राज्यपाल ने वनवासी विकास समिति द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, स्वावलंबन और सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए संस्था का योगदान प्रेरणादायी है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष उमेश कच्छप, सचिव अनुराग जैन, संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सहयोगी तथा शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।

