मूकनायक/रिपोर्टर इंद्रसेन गौतम बस्ती/उत्तर प्रदेश
बस्ती। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक बार फिर हमला हुआ है। मंदिर तोड़े जाने की घटना को लेकर समाचार प्रकाशित करना एक पत्रकार को इतना भारी पड़ गया कि कथित तौर पर 20 से 25 लोगों ने उसे और उसके भाई को घेरकर बेरहमी से पीट दिया। घटना के बाद पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 10 बजे हिंदुस्तान अखबार के पत्रकार सूरज मिश्रा अपने भाई नीरज मिश्रा के साथ लालगंज थाना क्षेत्र स्थित कुआनो नदी के पास मौजूद थे।
आरोप है कि मंदिर तोड़े जाने के मामले में समाचार प्रकाशित होने से नाराज कुछ लोगों ने उनकी बलेनो कार को रोक लिया और दोनों भाइयों पर हमला बोल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने लाठी-डंडों और मुक्कों से दोनों भाइयों की जमकर पिटाई की।
हमले में पत्रकार सूरज मिश्रा को गंभीर चोटें आईं जबकि उनके भाई नीरज मिश्रा की नाक में गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।
घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद नीरज मिश्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकार संगठनों और सामाजिक लोगों में आक्रोश फैल गया।
पत्रकारों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि खबर प्रकाशित करने के कारण पत्रकारों पर हमले होने लगे तो यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
क्षेत्र के लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।
पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

