मूकनायक/राज रत्न जाधव
ठाणे /महाराष्ट्र
लोकतांत्रिक प्रणाली के बारे में सवाल पूछने वाली जनता की कड़ी, साथ ही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ, यानी पत्रकारिता। जनता की विभिन्न समस्याओं पर प्रकाश डालने वाला चौथा स्तंभ ही सुरक्षित नहीं होगा, तो यह हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी हार होगी। हाल ही में सत्ता के नशे में चूर राज्य के शिवसेना शिंदे गुट के सांसद संजय दिना पाटील ने सवाल पूछने वाले पत्रकारों पर मारपीट और अश्लील भाषा में गाली-गलौज करने का कृत्य सामने आया है। इसमें पत्रकारों अभद्र भाषा ,गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। यदि प्रशासन के प्रतिनिधियों से सवाल पूछने के बाद लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को ऐसा खतरा उत्पन्न हो रहा है, तो समझ लीजिए कि आप देश में तानाशाही की ओर बढ़ रहे हैं। और यदि प्रशासन द्वारा इस तरह की दबाव की रणनीति का उपयोग करके पत्रकारों की निर्भीक स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है, तो आने वाले समय में कोई भी जनता की आवाज को स्पष्ट रूप से नहीं रख पाएगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सांसद संजय पाटील के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, इस घटना का हम देश के सभी पत्रकार भाइयों और राष्ट्रीय मूकनायक मीडिया द्वारा तीव्र विरोध व्यक्त किया।

