
मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
नांदी।डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नांदी में आयोजित होने जा रहा भव्य समारोह इस वर्ष शिक्षा, सामाजिक समता और युवा प्रेरणा का ऐतिहासिक मंच बनने जा रहा है। इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभाशाली छात्रा अक्षरा घोड़ेश्वर का सार्वजनिक रूप से भव्य सम्मान किया जाएगा।

यह समारोह अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े की अध्यक्षता में आयोजित होगा, जो सामाजिक जागरूकता और बौद्धिक नेतृत्व के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दामोदर यादव डोंगी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में सुरेंद्र वासनिक उपस्थित रहेंगे। साथ ही अनेक समाजसेवी, शिक्षक, बुद्धिजीवी, युवा एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
आयोजकों ने बताया कि अक्षरा घोड़ेश्वर ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी असाधारण मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण से यह उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनका सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का अभिनंदन नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और शिक्षा के महत्व को समाज के केंद्र में स्थापित करने का प्रयास है।
समारोह के दौरान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के शिक्षा, समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित प्रेरक विचारों को साझा किया जाएगा। वक्ताओं द्वारा युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 6 फीट ऊंची डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण होगा, जो सामाजिक चेतना और समता के संदेश का प्रतीक बनेगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन, प्रेरणादायक गीत एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़ी प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी।

अक्षरा घोड़ेश्वर के सम्मान को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। परिवारजनों ने इसे उनकी मेहनत और संघर्ष का परिणाम बताते हुए शिक्षकों, समाज और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनता है और युवा पीढ़ी को नई प्रेरणा मिलती है।
आयोजकों ने समस्त नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है। उनका मानना है कि शिक्षा और सामाजिक एकता ही समाज के वास्तविक विकास की आधारशिला है।
नांदी में आयोजित यह समारोह केवल जयंती उत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा, समता, सामाजिक चेतना और प्रतिभा सम्मान का एक सशक्त अभियान सिद्ध होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को नई दिशा प्रदान करेगा।

