भामाशाह मंजू बेन की प्रेरणादायक पहल, विद्यालय में मेगा पीटीएम के साथ हुआ आयोजन
मूकनायक जिला ब्यूरो चीफ रिडमल परमार
सरनाऊ, सांचौर 25 मार्च 2026
राजकीय प्राथमिक विद्यालय मलू की ढाणी, सरनाऊ में सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणाम कार्यक्रम एवं मेगा पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, विद्यार्थी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जहां विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी दी गई, वहीं अभिभावकों के साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा भी की गई।
कार्यक्रम की विशेष आकर्षण रही भामाशाह मंजू बेन पत्नी श्री लीलाराम नोगू की पर्यावरण संरक्षण को समर्पित पहल। विद्यालय के प्रभारी अध्यापक रूपाराम परमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए मंजू बेन द्वारा विद्यालय परिसर में पेड़ों पर जगह-जगह परिंडे (पक्षियों के लिए पानी के पात्र) लगवाए गए, ताकि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त उन्होंने लगभग 200 पेड़-पौधों के लिए नियमित रूप से मीठे पानी की व्यवस्था भी करवाई, जिससे परिसर में हरियाली बनी रहे और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिले। यह पहल न केवल प्रकृति के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि समाज को भी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश देती है।
मंजू बेन ने इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए ₹5000 की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की, जिससे विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उनके इस योगदान से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों में भी प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ी।
विद्यालय परिवार द्वारा इस प्रकृति-प्रेमी परिवार के इस सराहनीय एवं प्रेरणादायक कार्य के लिए उनका ससम्मान स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस अवसर पर पांचा राम कुराड़ा, अर्जन राम कुराड़ा, धुखा राम भादू, बाबू कुमारी (कनिष्ठ शिक्षिका), निरमा देवी गोदारा (छात्राध्यापिका), शांयती देवी, अगरती देवी नोगू, खिवणी देवी, सुखी देवी सहित विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव एवं जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया, जिससे वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।

