कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम की चेतावनी
मूकनायक/ बुद्धप्रकाश बौद्ध पत्रकार भिंड-दतिया-ग्वालियर
मेहगांव (भिंड), 19 दिसंबर । मेहगांव तहसील के अंतर्गत आने वाले गाता गांव में किसानों के खेतों तक जाने वाले आम रास्ते पर दबंगों द्वारा किए गए अतिक्रमण ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। रास्ता बंद होने से किसान न तो समय पर खेती कर पा रहे हैं और न ही कृषि कार्यों के लिए अपने खेतों तक पहुंच पा रहे हैं। आरोप है कि यह समस्या पिछले तीन वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है। इस समस्या को लेकर किसानों ने गुरुवार को एसडीएम मेहगांव को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की माँग की है।
तीन साल से प्रशासन के चक्कर, समाधान नहीं
किसानों का कहना है कि अतिक्रमण हटवाने के लिए वे तहसील कार्यालय से लेकर अन्य प्रशासनिक दफ्तरों के लगातार चक्कर लगा रहे हैं। कई बार आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक रास्ता मुक्त नहीं कराया गया। मजबूरी में किसान थक-हारकर फिर से आंदोलन की राह पर उतरने को मजबूर हैं।
कोर्ट के आदेश भी बेअसर
किसानों के अनुसार तहसील न्यायालय द्वारा अतिक्रमणकारियों पर प्रति व्यक्ति 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाए जाने और गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के आदेश भी दिए गए थे, इसके बावजूद दबंगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते न्यायालय के आदेश भी कागजों तक सीमित रह गए।
तहसीलदार पर गंभीर आरोप
किसान रामजीलाल चौहान, कमलेश दीक्षित, हैवरन सिंह, प्रमोद शर्मा, राघवेन्द्र , संजीव, अशोक, भानु , खुशीराम और कल्याण सिंह सहित अन्य किसानों ने तहसीलदार राजकुमार नागोरिया पर आरोप लगाया है कि वे अतिक्रमणकारियों के पक्ष में काम कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तहसीलदार मौके पर पहुंचे, तब दबंगों ने न केवल ग्रामीणों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जनप्रतिनिधियों तक पहुंची शिकायत
किसानों का दावा है कि इस समस्या को लेकर तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक शिकायत की जा चुकी है। साथ ही क्षेत्रीय विधायक, ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया और सांसद संध्या राय को भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक रास्ता अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका।
आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर रास्ता अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही मंगलवार या शनिवार को चक्काजाम भी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन का कहना है
प्रशासन की ओर से मेहगांव एसडीएम नवनीत शर्मा द्वारा कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन जल्द ही रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

