मूकनायक
देश/ उत्तर प्रदेश
ओमप्रकाश वर्मा
“मैं, अमुक, जो विधान सभा (या विधान परिषद्) का सदस्य निर्वाचित (या नामनिर्देशित) हुआ हूं, ‘ईश्वर की शपथ लेता हूं / सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूूं’ कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा, मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा तथा पद को मैं ग्रहण करने वाला हूं उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूंगा।”
संविधान में क्या लिखा हुआ है❓❓❓
अनुच्छेद:48क. पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा—— राज्य, देश के पर्यावरण के संरक्षण तथा संवर्धन का और वन तथा वनय जीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा।
♻️भारत का संविधान, भाग-4,राज्य के नीति निदेशक तत्व
- संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 की धारा 10 द्वारा (3-1-1977) अतःस्थापित।
♻️अनुच्छेद:51क. मूल कर्तव्य —— भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह–
(क) संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे;
(ग) भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे;
(छ) प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणि मात्र के प्रति दयाभाव रखे;
आपका अपना साथी
रवि शेखर
संविधान प्रचारक
आरटीआई कार्यकर्ता
सामाजिक कार्यकर्ता
धम्म प्रचारक।
प्रदेश अध्यक्ष
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश भारत
महिला मानव अधिकार ट्रस्ट रजिo
जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश
संविधान का पालन करो!
वर्ना कुर्सा खाली करो!!
भारत के संसाधनों का राष्ट्रीयकरण हो और राष्ट्र निर्माण में भारत के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी हो ? सर,
पेड़-पौधे काटने की सजा और दंड भारत में विभिन्न कानूनों और अधिनियमों के तहत निर्धारित किए गए हैं। यहाँ कुछ प्रमुख सजा और दंड हैं:
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)
- धारा 428: 2 साल तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 429: 5 साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 430: 5 साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
भारतीय वन अधिनियम, 1927
- धारा 33: 1 साल तक की जेल या 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 34: 3 साल तक की जेल या 2,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
- धारा 15: 5 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 16: 7 साल तक की जेल या 1.5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010
- धारा 14: 5 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 15: 7 साल तक की जेल या 1.5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
वन संरक्षण अधिनियम, 1980
- धारा 2: 3 साल तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
- धारा 3: 7 साल तक की जेल या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।
इसके अलावा, विभिन्न राज्यों में भी पेड़-पौधे काटने के लिए सजा और दंड के प्रावधान हो सकते हैं।

