मूकनायक
दीपक कुमार
राजस्थान/ करौली
राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसला) और रेसा वीपी की संघर्ष समिति के द्वारा अपनी मांगों को लेकर माननीय जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए जिनमें निम्न मांगों को रखा गया । वाइस प्रिंसिपल संघठन के जिला अध्यक्ष और संघर्ष समिति के जिला संयोजक घनश्याम मीना ने बताया कि उप प्राचार्य के 10096 पदों पर 17 फरवरी 2023 को डीपीसी हुई और 27 फरवरी 2023 को यथा स्थान पर पदस्थापन दिया गया तथा उन्हें लगातार वेतन भी उप प्राचार्य का ही दिया जा रहा है तथा काउंसलिंग कार्यक्रम अप्रैल 2023 में जारी किया गया जिस पर वरिष्ठता को लेकर मई 2023 में जोधपुर उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन दे दिया गया । विभाग की कमजोर पैरवी के कारण आज दिनांक तक स्थगन बरकरार है 24 मई 2024 को न्यायालय की डबल बेंच के द्वारा इस प्रकरण में विभाग के द्वारा हलफनामा प्रस्तुत कर उसकी प्रति जोधपुर उच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया गया इसके बाद दो सुनवाई हुई उनमें भी विभाग के द्वारा हलफनामा नहीं दिया गया इसी वजह से माननीय न्यायालय ने विभाग को 6 सप्ताह का समय देते हुए हलफनामा प्रस्तुत करने को पुनः आदेशित किया लेकिन हलफनामा अभी तक प्रेषित नहीं किया गया 16 अगस्त 2024 को संगठन की विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में आश्वस्त किया गया कि सात दिवस में हलफनामा पेश कर दिया जाएगा फिर भी आज दिनांक तक हलफनामा नहीं दिया गया जिसके कारण प्राचार्य व उप प्राचार्य दोनों डीपीसी किया जाना संभव नहीं है अतः आपसे अनुरोध है कि स्थगन का निस्तारण करवाया जाए एवं आगामी उप प्राचार्य व प्राचार्य डीपीसी संपन्न करवाई जाए ।
- राजस्थान के सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू है एक राजकीय सेवक अपनी पूरी जिंदगी राज्य की सेवा में निकाल देता है सेवानिवृत्ति के बाद यदि उसे उचित पेंशन नहीं मिले तो वह ठगा सा महसूस करता है राजस्थान की लोक कल्याणकारी सरकार द्वारा सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना दी गई है जबकि पिछले दिनों भारत सरकार द्वारा एनपीएस के स्थान पर यूपीएस को लागू किया गया था यह आंध्र प्रदेश सरकार के पेंशन योजना की नकल है जिसमें भी कर्मचारियों के वेतन से 10% वेतन कटौती होगी जो कर्मचारी को किसी भी स्थिति में स्वीकार योग्य नहीं है अतः अगर राजस्थान में पुरानी पेंशन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ हुई तो कर्मचारियों के द्वारा मजबूर होकर आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी
- माह सितंबर 2017 में तत्कालिक सरकार द्वारा व्याख्याता की वेतन कटौती की गई इसके पश्चात संगठन ने बड़े-बड़े आंदोलन किए जिसको लेकर राज्य सरकार द्वारा वेतन बहाली को लेकर खेमराज कमेटी का गठन कर आश्वासन दिया गया अतः संगठन का आग्रह है कि खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और वतन कटौती वापस ली जाए।
- 3820 माध्यमिक विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया एक भी विद्यालय में व्याख्याता का पद सृजित नहीं किया गया शिक्षा विभाग द्वारा पद स्वीकृति हेतु पत्रावली वित्त विभाग को प्रेषित कर दी गई है लेकिन अभी तक पद सृजित नहीं हुए । ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है उन स्कूलों में स्थानांतरण के द्वारा व्याख्याता लगाए गए लेकिन उनकी वेतन व्यवस्था अन्य विद्यालयों से करवानी पड़ रही है अतः जल्दी से जल्दी पद स्वीकृत किया जाए। उप्राचार्य, प्राचार्य पद की तीन संतान प्रकरणों की डीपीसी पिछले डेट वर्ष से बिना किसी कारण के बकाया है अतः इसे जल्दी से जल्दी संपन्न करवाया जाए।
- व्याख्याता पद की डीपीसी पिछले 4 वर्षों से बकाया है विभाग की समस्त तैयारियां पूर्ण है अतः डीपीसी को जल्दी ही संपन्न करवाया जाए। एसबीसी के शून्य मेरिट के व्याख्याताओ का वेतन नियमतीकरण पूर्व में कर दिया गया स्थाईकरण शेष है स्थाईकरण के अभाव में यह पदोन्नति एसीपी/ एमएसपी के लाभ से वंचित हो रहे हैं अतः इनका स्थाईकरण करवाया जाए।शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए ताकि शिक्षक अपने मूल कार्य शिक्षण पर ध्यान दे सके। संगठन की सभी मांगों को नहीं माना गया तो संगठन को मजबूरन आंदोलन पर उतरना पड़ेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस दौरान रेसला ब्लॉक सभाध्यक्ष मुकेश कुमार शर्मा रेसला ब्लॉक अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद मीना महामंत्री जवाहर सिंह गुर्जर , विजय कुमार गुप्ता ,ओमप्रकाश जाटव ,अनिल कुमार गौड, रंजीत , दीपक ,रजनीश शर्मा , हेमराज , फूल सिंह, रामगिलास जाटव, विद्या राम , रामसिंह ,राजेंद्र मीना आगर्री उपस्थित रहे।

