Tuesday, October 20, 2026
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. बाबा साहेब के दर्शन को अपनाने से ही देश का विकास होगा’

‘डॉ. बाबा साहेब के दर्शन को अपनाने से ही देश का विकास होगा’

मूकनायक

कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी

बिलासपुर

दुर्ग। शहीद स्मारक, संविधान चौक दुर्ग में दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया एवं महिला सशक्तिकरण संघ, प्रदेश शाखा छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक समता और देश की एकता-अखंडता के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महापुरुषों डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह एवं जवाहरलाल नेहरू के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय ट्रस्टी एस. आर. कानडे ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आयुष्मति प्रज्ञा बौद्ध ने उनका सहयोग किया।

ध्वजारोहण के तत्काल बाद उपस्थित सम्मानित नागरिकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया और देशभक्ति के गगनभेदी नारे लगाए। इसके पश्चात सी. के. डोंगरे ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन एवं शपथ दिलाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयुष्मति प्रज्ञा बौद्ध ने स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डाला तथा देश के निर्माण में डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के अतुलनीय योगदान को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान, समानता और न्याय की स्थापना का भी माध्यम है।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एस. आर. कानडे ने कहा कि देश की आजादी के लिए हमारे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने जो कुर्बानियां दी हैं, उन्हें हमेशा याद रखना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और संविधान की गरिमा को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक एवं आर्थिक विषमता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों, उनके सामाजिक दर्शन और आर्थिक चिंतन को अपनाकर ही देश से सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को दूर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि देश को धर्म और जाति के नाम पर बांटने वाली प्रवृत्तियों से नागरिकों को सावधान रहने की आवश्यकता है। संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करते हुए सभी वर्गों को मिल-जुलकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

सभा को भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष सी. के. डोंगरे एवं रंजना वालवान्द्रे ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक समरसता, समानता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रीतिमा गेडाम ने किया। इस अवसर पर प्रज्ञा बौद्ध, रंजना वालवान्द्रे, शोभा जामुलकर, बिन्दु वैद्य, कविता रंगारी, शशिकला महेश्वरी, इंद्र ढोक, पुष्पलता भोयर, वंदना मिलिंद, समता चौरे, बबलू चौरे, एस. आर. कानडे, सी. के. डोंगरे, बी. एल. गोडबोले, आर. एन. लोखंडे, एम. आर. तुरकाने, डी. सी. गोंडाने, नरेन्द्र डोंगरे, बी. आर. कठाने, बी. डी. डोंगरे एवं बुद्धराम मेश्राम सहित अनेक नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। देशभक्ति, संविधान के प्रति सम्मान और सामाजिक समानता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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