मूकनायक समाचार । सूरत
सायबर फ्रोड करने वाली जामतारा गैंग को एपीके फाईल बनाकर देने वाला भेजाबाज को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है। कक्षा 11 तक पढने वाला युवक को एपीके फाईल बना देने के बाद उसने 64.50 करोड का सायबर फ्रोड किया होने का पर्दाफाश भी हुआ है।
सूत्रो के मुताबिक अडाजण में सरदार ब्रिज के पास गणेशपार्क सोसायटी में 71 वर्षीय नवीनचंद्र ठाकोरदास दलाल उनके परिवार के साथ रहता है। सरदार मार्केट में जयेश एन्ड कंपनी नामक जंतुनाशक दवाई तथा बीज की दुकान चलाता है। गत 15 मई, 2026 को नवीनचंद्र को वोट्सएप पर अज्ञात नंबर से मैसेज आया। मैसेज में पीएनबी वन एपीके ऐसा लिखी हुई फाईल थी। यह मैसेज में यह नंबर के डीपी में पंजाब बैंक के कर्मचारी के तौर पर अभिषेक मिश्रा नामक आई.डी. कार्ड दिखाई दिया। आईकार्ड देखकर बैंक के कर्मचारी ने मैसेज किया होने का अनुमान लगाकर दलाल ने फाईल पर क्लिक करने पर वह एपीके फाईल मोबाईल में डाउनलोड हो गई। इसके बाद 18 मई, 2026 को नवीनचंद्र दलाल को उनके प्राईम को.ओ. बैंक के अकाउन्ट में से रुपये डेबिट होने के मैसेज आने लगे। तीन ट्रान्जेक्शन हुआ और दलाल के अकाउन्ट से पांच लाख रुपये ट्रान्सफर हो गए।
यह ट्रान्जेक्शन खुदने किया नहीं होने के कारण दलाल ने नेशनल सायबर क्राईम हेल्पलाईन क्रमांक 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। सायबर क्राईम पुलिस ने गुनाह दर्ज कर रुपये ट्रान्सफर हुए उस दिशा में जांच शुरू की और साथ ही सायबर फ्रोड के लिए एपीके फाईल बनाने वाले या डेवलोप करनेवाले को ढूंढना शुरू किया। जिसमें जानकारी मिली उस आधार पर उत्तरप्रदेश के कानपुर के एक होटेल में रेड कर रोहित विरेन्द्रसिंघ साक्य को दबोच लिया। दो मोबाईल और एक लेपटोप कब्जे लेकर जांच करने पर पता चला कि केवल 11 कक्षा तक पढने वाला और 18 वर्षीय यह रोहित ने जामतारा गैंग को बना देने वाली एपीके फाईल द्वारा अब तक 64.50 लाख रुपयों की धोखाधडी हुई है। रोहित की जांच में पुलिस को पता चला कि उसने अब तक 121 एपीके फाईल बना कर जामतारा की अलग-अलग गैंग को दी थी। यह फाईल की संपूर्ण ट्रेकिंग सिस्टम भी उसने डेवलोप की थी। यह सिस्टम से ऐसी जानकारी मिली की उन्होंने बनाई 121 एपीके फाईल सायबर माफियाओ के जरिये भारत में वोट्सएप के जरिये 21,672 जितने मोबाईल डिवाईस ईन्स्टोल किये थे। जिसमें 2928 व्यक्तियों ने फाईल डाउनलोड करने पर उनके मोबाईल का एक्सेस प्राप्त कर सायबर माफियाओं ने 64.50 करोड का धपला कर दिया।

