मूकनायक बालाघाट प्रतिनिधि
हादसे में हो गया था घायल, बालाघाट से एंबुलेंस चालक मरीज को लाकर मनकुंवर के एक छोर पर छोड़कर चले गए।पिछले छह महीने से मुसीबत और खतरे का कारण बन चुका मनकुंवर नदी का क्षतिग्रस्त पुलिया जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अब ग्रामीणों के लिए मजबूरी बन चुका है। यहां से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सरकारी तंत्र को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। लामता-नैनपुर मार्ग पर मनकुंवर नदी के क्षतिग्रस्त डायवर्सन पुलिया से एक मरीज को खाट पर लिटाकर नदी पार कराया गया।मरीज को लेकर आया एंबुलेंस चालक मंकुवर नदी के एक छोर पर छोड़कर चला गया
बालाघाट से एंबुलेंस चालक मरीज को लेकर आया और मंकुवर नदी के एक छोर पर छोड़कर चला गया। मरीज राजू का घर नदी के दूसरे छोर पर है। वह अभी चलने में असमर्थ है। उसे एक छोर से दूसरे छोर ले जाने के लिए स्वजनों व ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। उसे खाट पर लिटाकर नदी पार कराई गई।
लंबे समय से पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है
मनकुंवर नदी पर लंबे समय से पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। मुख्य पुल के मरम्मत कार्य के चलते यहां डायवर्सन पुल बनाया गया था, जो दो महीने में दो बार बह चुका है। अब लामता से नैनपुर मार्ग का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। मनकुंवर नदी के दोनों छोर पर बसे गांवों के ग्रामीणों को इन दिनों अपनी जान जोखिम में डाल कर नदी पार करना पड़ रहा है।

