Sunday, July 26, 2026
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जमीन के राष्ट्रीयकरण को किसी भी राजनैतिक दल ने मुद्दा क्यों नहीं बनाया ?

मूकनायक/ऋषिराज
प्रयागराज/उत्तर प्रदेश

प्रयागराज। डा.अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज के नेतृत्व में यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा थाना कौंधियारा स्थित ग्रामसभा गड़ईया कला व अतर सुइया में संविधान के सम्मान में संविधान पदयात्रा निकलते समय आईपी रामबृज ने उत्तर प्रदेश और केन्द्र की सरकार से मांग करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता व छुआछूतमुक्त भारत देश का निर्माण कब होगा?, संविधान के अनुच्छेद 15 जातिविहीन भारत देश का निर्माण कब होगा ? संविधान के अनुच्छेद 39 (ख) जमीन और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण करना अर्थात सम्पत्ति का बंटवारा कब होगा ? संविधान के अनुच्छेद 13 रूढ़िवादी प्रथा को समाप्त कर वैज्ञानिकता पर आधारित समाज निर्माण कब होगा?
आईपी रामबृज ने आगे बताया कि जय भीम कोई चुनाव या राजननैतिक नारा नही है, न ही किसी व्यक्ति, समूह या क्षेत्र का एकाधिकार है। जय भीम प्रण है कि हम संविधान की रक्षा करेंगे। जय भीम एक अपील है शिक्षित करो, संगठित करो, संघर्ष करो और अपनी शक्ति में विश्वास करो। जय भीम एक वादा है पे बैक टू द सोसाइटी का। जय भीम एक वादा है भारत की एकता के लिये मर मिटने का। जय भीम एक क्रान्ति है असमानता, लिंग भेद, अंधविश्वास के खिलाफ। जय भीम एक भावना है निर्भीकता का। जय भीम एक परंपरा है स्वतंत्रता, समानता, बंधुता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता का। जय भीम एक उत्तरदायित्व है बुद्ध, अशोक, कबीर, ज्योतिबा, सावित्रीबाई और बाबासाहब के विचारों का। जय भीम एक योजना है व्यक्ति, परिवार, समाज, देश और दुनिया मे लोकतंत्र, नैतिकता, विज्ञान, शान्ति और विकास के लिए उक्त बाते डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा व थाना कौंधियारा स्थित ग्रामसभा गड़ईया कला में संविधान के सम्मान में निकाली गई संविधान पदयात्रा के दौरान कही।
संविधान के सम्मान में संविधान के लिए चलो (वाक फार संविधान) अभियान के तहत एक 55 दिवसीय संविधान पदयात्रा दिनांक 03 अक्टूबर 2025 से 25 नवम्बर 2025 तक प्रतिदिन यमुनापार की तहसील बारा और करछना स्थित विकास खण्ड शंकरगढ़, जसरा, कौंधियारा, चाका और करछना के बहुजन बाहुल्य गांवो में संविधान पदयात्रा’ निकाली जाएगी। यह अभियान देश के सभी नागरिकों को भारत के संविधान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के साथ-साथ अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके लिए प्रत्येक भारतीय नागरिक इस अभियान में शामिल होकर संविधान के मूल्यों को मजबूत करने में अपना योगदान देने के लिए आमंत्रित है।
संविधान पद यात्रा में माया देवी, गुड्डी देवी, गिरजा देवी, कृष्णा देवी, सरोज देवी, विद्यावती, अनामिका, प्रेमवती, साधना देवी, रेनू, अंशु, रीतू, संघमित्रा, निर्मला देवी, श्यामकली, सुमित्रा देवी, संगीता देवी, सावित्री कमला देवी, तारा, जानकी, मालती, उर्मिला के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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