Thursday, June 11, 2026
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शराब भट्टी हटाने के समर्थन में उतरा रमाताई महिला बौद्ध संघ, आंदोलन को मिला नया बल

मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

वार्ड क्रमांक 12 बूढ़ी, बालाघाट में संचालित शराब भट्टी को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं द्वारा जारी आंदोलन को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन मिलने लगा है। इसी क्रम में रमाताई महिला बौद्ध संघ, बूढ़ी की सदस्याएं आंदोलन स्थल पर पहुंचीं और आंदोलनरत महिलाओं को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया।

संघ की महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि रहवासी क्षेत्र एवं पंचशील बुद्ध विहार के समीप संचालित शराब भट्टी को तत्काल हटाया जाए। महिलाओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल शराब दुकान हटाने का नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का आंदोलन है।

आंदोलन के दौरान महिलाओं ने तख्तियां लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस अवसर पर सार्वजनिक अंबेडकर जयंती समिति के अध्यक्ष पंकज डोंगरे, डॉ. निलेश राऊत, सचिन मेश्राम एवं मनोज बारमाटे विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं के आंदोलन को न्यायोचित बताते हुए नैतिक समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों वाले क्षेत्र में शराब दुकान का संचालन समाज के लिए हानिकारक है।

रमाताई महिला बौद्ध संघ की अध्यक्ष नीता हिरकने ने कहा कि 22 अप्रैल 2026 से लगातार महिलाएं धूप, बारिश और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन में डटी हुई हैं। उन्होंने आंदोलनरत माताओं-बहनों के साहस को नमन करते हुए कहा कि यह संघर्ष समाज की अस्मिता और महिलाओं के सम्मान की लड़ाई बन चुका है।

उन्होंने बताया कि पंचशील बुद्ध विहार शराब दुकान से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, जहां प्रतिदिन समाज के लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आत्मसात करने पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र स्थल के समीप शराब बिक्री धार्मिक भावनाओं एवं सामाजिक वातावरण दोनों को प्रभावित करती है।

महिलाओं ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं — वार्ड क्रमांक 12 की शराब दुकान को तत्काल बंद किया जाए, दुकान को रहवासी क्षेत्र एवं बुद्ध विहार से दूर स्थानांतरित किया जाए तथा क्षेत्र की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

आंदोलन में शामिल महिलाओं ने बताया कि शराब दुकान खुलने के बाद क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ी हैं। शाम होते ही शराबियों की भीड़ लगने से महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विवाद और अभद्र व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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