मूकनायक/रिपोर्टर, राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश
बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में जमीन विवाद का एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस प्रकरण में हेड कांस्टेबल राजाराम गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक परिवार पर जमीन खाली कराने का दबाव बनाया। पीड़ित पक्ष ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से न्याय की मांग की है।
दौलतपुर, तप्पा-पड़िया निवासी राम सुरेश पुत्र मोहनलाल का कहना है कि वह पिछले करीब 20–25 वर्षों से गाटा संख्या 352/0.011 हेक्टेयर भूमि पर रह रहे हैं। उनके अनुसार उसी जमीन पर उन्होंने छप्पर डालकर अपना घर बनाया हुआ है और परिवार के साथ वहीं निवास कर रहे हैं।
राम सुरेश का कहना है कि इस भूमि के स्वामित्व को लेकर उप जिलाधिकारी न्यायालय, बस्ती में धारा 67 (ए) के अंतर्गत मामला विचाराधीन है। इसके बावजूद 8 अप्रैल 2026 की शाम करीब चार बजे विपक्षी पक्ष के रामजीत, वंशराज और बनारसी लाल के साथ हेड कांस्टेबल राजाराम गुप्ता मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचकर उन्होंने जमीन खाली करने का दबाव बनाया और मना करने पर दो दिन के भीतर कब्जा हटाने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन डीजीपी ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि जमीन से जुड़े विवादों में पुलिस सीधे कब्जा दिलाने या हटाने की कार्रवाई नहीं करेगी। ऐसे मामलों में केवल उच्च अधिकारियों—जैसे सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर या क्षेत्राधिकारी—को सूचित कर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसी निर्देश के बावजूद हेड कांस्टेबल स्तर के कर्मचारी पर सीधे हस्तक्षेप के आरोप लगने से विभागीय नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित का कहना है कि डर के कारण वह थाने में शिकायत दर्ज कराने नहीं जा सके और उन्होंने सीधे उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच के बाद उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वहीं हेड कांस्टेबल राजाराम गुप्ता ने सभी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वह गांव जरूर गए थे, लेकिन किसी प्रकार की गाली-गलौज या धमकी नहीं दी।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।

