Friday, April 17, 2026
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जल गंगा संवर्धन अभियान: नवलपुर में श्रमदान, बोरी बंधान और जनजागरूकता से जल संरक्षण की अलख

मूकनायक समाचार/सत्यशील गोडाने
बालाघाट

बैहर।कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत विकासखंड बैहर में जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण को लेकर व्यापक गतिविधियाँ की जा रही हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद बैहर द्वारा ग्राम नवलपुर में स्वच्छता श्रमदान, जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण एवं जल संरक्षण से जुड़े विविध कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम से जुड़े प्रतिभागियों ने मिलकर गांव में जागरूकता रैली निकाली। इसके बाद हैंडपंपों के आसपास साफ-सफाई कर सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया गया, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ भू-जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सके। ग्रामीणों को जल के महत्व को समझाते हुए जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।

चौपाल कार्यक्रम में जल संकट और उसके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान लगभग 300 बोरियों के माध्यम से “बोरी बंधान” कार्य किया गया, जो वर्षा जल संचयन और जल रोकने की दिशा में एक प्रभावी और व्यावहारिक पहल है।

नवांकुर संस्था की प्रतिनिधि मंजुलता चौधरी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि जल संकट से निपटने के लिए हमें अपने जल उपयोग की आदतों की समीक्षा करनी होगी, भविष्य के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी और व्यवहारिक स्तर पर जल संरक्षण के उपाय अपनाने होंगे। उन्होंने कहा कि अब तक जल का अनुशासित उपयोग नहीं होने के कारण इसकी बर्बादी हुई है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति को बदला जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि परिषद द्वारा प्रस्फुटन ग्रामों में बोरी बंधान, दीवार लेखन, शपथ रैली एवं चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है, ताकि हर व्यक्ति जल संरक्षण के महत्व को समझे और अपनी जिम्मेदारी निभाए।

इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक महेश पटले, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति नवलपुर के अध्यक्ष धरम तेकाम, करन तेकाम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जल संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता और संकल्प का परिचय दिया।

यह आयोजन न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, बल्कि सामूहिक भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण की मजबूत पहल के रूप में भी उभरकर सामने आया।

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