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राज्यपाल को ज्ञापन: ओबीसी 27% आरक्षण लागू करने और धर्मांतरण कानून पर पुनर्विचार की मांग
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
रायपुर, छत्तीसगढ़:
मूल निवासी संघ, छत्तीसगढ़ ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27% आरक्षण विधेयक पर शीघ्र निर्णय लेने तथा प्रस्तावित धर्मांतरण संशोधन विधेयक पर पुनर्विचार की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत पटेल ने बताया कि 2 दिसंबर 2022 को छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा बहुमत से पारित ओबीसी को 27% आरक्षण देने संबंधी संशोधन विधेयक अभी तक राज्यपाल के पास लंबित है। उनका कहना है कि इस कारण ओबीसी वर्ग के युवाओं को सरकारी सेवाओं और प्रतिनिधित्व में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि राज्य में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर मसीह समाज में भय का माहौल है। संघ का आरोप है कि इस कानून के दुरुपयोग की आशंका है और पहले भी धर्मांतरण के मामलों में कई बार आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।
संघ ने राज्यपाल से मांग की है कि ओबीसी आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे लागू किया जाए या राज्य सरकार को वापस भेजा जाए, ताकि इस पर आगे निर्णय लिया जा सके। साथ ही, धर्मांतरण कानून पर पुनर्विचार कर उसे रोकने की भी अपील की गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो वे राजभवन के समक्ष प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।



