मूकनायक
“दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित लापरवाही से हुई हत्या” , राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की दर्दनाक मौत का मामला
मूकनायक
दिलीप मैश्राम
डोंगरगढ़/रायपुर
राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर वंचित शोषित समाज, छत्तीसगढ़ ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित लापरवाही से हुई हत्या” करार दिया है।
संगठन के प्रदेश सचिव नरेश करसे ने डोंगरगढ़ में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर मृतकों के परिवारों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के जरिए सफाई व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के खतरनाक सीवर टैंकों में उतारा जा रहा है, जो सीधे-सीधे उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है।
करसे ने आरोप लगाया कि संबंधित अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा नियमों का घोर उल्लंघन किया है। उन्होंने ‘मैनुअल स्कैवेंजिंग (निषेध) अधिनियम 2013’ का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए संस्थान प्रमुख, प्रबंधन और ठेकेदार सभी जिम्मेदार हैं। उनके अनुसार यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि इरादतन हत्या के दायरे में आता है।
संगठन ने शासन से मांग की है कि इस मामले में अस्पताल के डायरेक्टर, प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ हत्या (धारा 302/304), एससी/एसटी एक्ट तथा संबंधित कानूनों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। साथ ही, मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, पेंशन और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए।
इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

