मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद बस्ती के थाना कलवारी क्षेत्र में युवती की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार 3 मार्च 2026 को थाना कलवारी क्षेत्र के एहतमाली गांव में एक युवक द्वारा घर में घुसकर युवती को गोली मार देने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद थाना कलवारी पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 33/2026 दर्ज किया था। इस मुकदमे में आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 333, 351(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीकृत किया गया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों को लगाया गया।
मुठभेड़ में दबोचा गया आरोप
लगातार तलाश के बाद 6 मार्च 2026 को थाना कलवारी पुलिस, स्वाट टीम और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए माझा खुर्द क्षेत्र के पास मुठभेड़ में मुख्य आरोपी मनदीप पासवान पुत्र रंगीलाल (उम्र 28 वर्ष), निवासी कमईपुर, थाना कलवारी, जनपद बस्ती को गिरफ्तार कर लिया।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी और थाना कलवारी के एक हेड कांस्टेबल को गोली लग गई। दोनों को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर कलवारी ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
आरोपी से हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से
एक पिस्टल .32 बोर
दो खोखा कारतूस
एक जिंदा कारतूस .32 बोर
एक मोटरसाइकिल स्प्लेंडर (UP 45 AW 9121)
बरामद की है।
पहले से भी दर्ज हैं गंभीर मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना कलवारी में पहले से भी गंभीर अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2025 में उसके खिलाफ मु0अ0सं0 232/2025 में
धारा 64(2), 352, 351(3) BNS
आईटी एक्ट की धारा 67
पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6
के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इस कार्रवाई के साथ ही युवती की हत्या का यह मामला फिलहाल पुलिस की फाइल में सुलझ गया है और मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
72 दिन की देरी पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि जिस तेजी से आज जिले की स्वाट टीम, एसओजी टीम और थाना पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया, अगर यही सक्रियता करीब 72 दिन पहले दिखाई गई होती, तो शायद आज बच्ची की जान बच सकती थी।
लोगों का यह भी कहना है कि इतने दिनों तक जिले की स्वाट टीम, एसओजी और जिम्मेदार थाना स्तर के अधिकारी आरोपी तक नहीं पहुंच सके।
अब अचानक हुई इस कार्रवाई से पुलिस अपनी उपलब्धि जरूर गिना रही है, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर पुलिस पहले ही सक्रिय हो जाती तो शायद आज हालात कुछ और होते।

