भिलाई में देहदान की प्रेरक मिसाल: जनबंधु परिवार ने किया “महादान”, महामानव मल्टीपर्पस सोसायटी ने किया सम्मान
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
भिलाई-दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
मानवता और चिकित्सा शिक्षा की सेवा में एक अनुकरणीय कदम उठाते हुए आदर्श नगर चरौदा, भिलाई निवासी दिवंगत सूरज लाल जनबंधु का पार्थिव शरीर चिकित्सा अध्ययन हेतु समर्पित किया गया। यह देहदान उनकी जीवनकाल में की गई घोषणा के अनुरूप पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर को सौंपा गया।
रेलवे से सेवानिवृत्त, दुर्ग-भिलाई-चरौदा क्षेत्र के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता तथा आंबेडकरी मिशन के सच्चे सिपाही रहे श्री जनबंधु का 88 वर्ष की आयु में 21 फरवरी 2025 को सेक्टर-9 अस्पताल, भिलाई में निधन हो गया था। जीवनकाल में ही उन्होंने देहदान का संकल्प-पत्र भरकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया था। परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से उनके इस संकल्प को पूर्ण किया गया।
देहदान की संपूर्ण प्रक्रिया में महामानव मल्टीपर्पस सोसायटी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था द्वारा आयोजित स्मृति एवं सम्मान कार्यक्रम में अध्यक्ष आशीष चौहान, रक्तदान-देहदान प्रभारी डॉ. संजय वालवांद्रे, संयोजक शैलेन्द्र भगत एवं प्रवीण वासनिक ने जनबंधु परिवार को सम्मान-पत्र प्रदान कर उनके महान कार्य को नमन किया।
कार्यक्रम में दिवंगत श्री जनबंधु की धर्मपत्नी सरिता जनबंधु, पुत्र-पुत्रवधू रेखा पुरुषोत्तम जनबंधु एवं भावना भीमराव जनबंधु, पुत्रियाँ सुगंधा दिलीप खोबरागड़े एवं रूपा विजय टेम्भुरकर सहित परिजन एवं दुर्ग-भिलाई-चरौदा क्षेत्र के बौद्ध समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संस्था ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए देहदान अत्यंत आवश्यक है। भारत में अंगदान की दर अभी भी लगभग 0.5 से 1 प्रति मिलियन आबादी के आसपास है, जो अन्य देशों की तुलना में काफी कम है। हर वर्ष लाखों मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा में रहते हैं। अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण देहदान व अंगदान की संख्या सीमित है। ऐसे में जनबंधु परिवार का यह कदम समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
महामानव मल्टीपर्पस सोसायटी ने जनसामान्य से अपील की है कि वे “जीते जी रक्तदान और जाते-जाते देहदान” जैसे पुनीत कार्यों के लिए आगे आएँ और चिकित्सा विज्ञान, मानवता तथा राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।
देहदान—महादान कर जनबंधु परिवार ने समाज और देश के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है। संस्था ने इस महान निर्णय के लिए पूरे परिवार को साधुवाद एवं बधाई दी है।
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