
रामलाल यादव / मूकनायक संपादक, राजस्थान
जोधपुर के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं कवि डॉ हस्तीमल आर्य (हस्ती) को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर “मातृभाषा रत्न” की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान नेपाल की प्रसिद्ध पंजीकृत संस्था शब्द प्रतिभा बहुउद्देशीय सम्मान फाउंडेशन द्वारा 21 फरवरी 2026 को डॉ आर्य द्वारा मातृभाषा के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के मूल्यांकन के उपरांत अध्यक्ष आनंद गिरि मियालु एवं चयन समिति प्रमुख मंजू खरे, दतिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उनकी साहित्यिक उपलब्धियों तथा उनकी पुस्तक अनुभूति से अभिव्यक्ति पर प्रदान किया गया।
साहित्य एवं भाषा के क्षेत्र में योगदान के साथ-साथ डॉ आर्य स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए भी प्रसिद्ध हैं।
डॉ आर्य को पूर्व में भी अनेक साहित्यिक संस्थाओं द्वारा उनकी काव्य पुस्तकों अनुभूति से अभिव्यक्ति एवं काव्य आयाम, दो हाइकु काव्य पुस्तकें भोर के मोती एवं हस्ती के हाइकु, तथा दो बाल साहित्य पुस्तकें देश के परिवेश में एवं नन्ही बातें बाल चेतना के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
उन्हें रावतसर साहित्य सृजक सम्मान 2026, हाइकु विभूषण सम्मान 2025, कादंबरी सम्मान 2025, साहित्य चेतना सम्मान, हिंदी साहित्य रत्न 2025, साहित्य गौरव शब्द साधक सम्मान तथा साहित्य वाचस्पति सम्मान-2025 से अलंकृत किया जा चुका है।
डॉ आर्य की इस उपलब्धि पर उनके मित्रों, साथियों, साहित्यकारों एवं सम्मानित व्यक्तियों द्वारा हार्दिक बधाई, अभिनंदन एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।
डॉ आर्य न केवल साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखते हैं, बल्कि लेप्रोस्कोपिक स्टेरलाइजेशन सर्जन के रूप में भी प्रतिष्ठित स्थान रखते हैं। वे अपने साहित्य के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानवीय, मानवतावादी एवं विश्व बंधुत्व के संदेश को समाज तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


