Thursday, February 26, 2026
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तुरकौलिया गांव में नरकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण, सड़क बनी तालाब

मूकनायक/ इंद्रसेन गौतम ब्लॉक रिपोर्टर बस्ती /उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद के ब्लॉक सल्टौआ गोपालपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत तुरकौलिया में विकास के दावों की हकीकत जमीन पर कुछ और ही नजर आ रही है। गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से जलभराव की समस्या से जूझ रही है, जिसके कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। सड़क पर स्थायी रूप से गंदा पानी भरा रहने से हालात बदतर होते जा रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए हैं।

ग्रामीण प्रशान्त और दिलीप के अनुसार गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों के अभाव में सीधे मुख्य मार्ग पर जमा हो जाता है। बरसात के बाद यह समस्या और विकराल हो जाती है, लेकिन कई महीनों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

सड़क पर घुटनों तक भरे बदबूदार पानी से होकर लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। इस जलभराव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों को रोजाना गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। बुजुर्गों को फिसलन के कारण गिरने का डर बना रहता है, जबकि महिलाएं घरेलू कार्यों के लिए बाहर निकलने में असहज महसूस करती हैं।

सड़क पर जमा गंदा पानी अब संक्रामक बीमारियों को आमंत्रण दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है और कई लोग बुखार, त्वचा रोग तथा अन्य संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। बदबू के कारण आसपास का वातावरण भी दूषित हो गया है।

कीचड़ और फिसलन के चलते आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक भी इस रास्ते से गुजरने में खतरा महसूस करते हैं। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि पानी भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। केवल आश्वासन दिए गए, लेकिन जल निकासी या सड़क मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ।

ग्रामीणों की ग्राम प्रधान एवं सम्बन्धित अधिकारी से मांग है कि गांव की मुख्य सड़क से जलभराव तत्काल हटाया जाए, नाली का नवनिर्माण कराया जाए तथा सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।

यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह जलभराव किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकता है।

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