Thursday, February 26, 2026
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बस्ती में बहुजन एकता का यूजीसी समर्थन में प्रदर्शन, समान शिक्षा और सामाजिक न्याय की उठी मांग

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद बस्ती में मंगलवार को बहुजन एकता मंच के बैनर तले यूजीसी के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया गया। ओबीसी, एससी और एसटी समाज के लोगों ने एकजुट होकर शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान हजारों की संख्या में लोग जीआईसी ग्राउंड से हाथों में संविधान की प्रतियां लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा।

कार्यक्रम की शुरुआत जीआईसी ग्राउंड से हुई, जहां वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग दोहराई। सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर और भेदभावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है, जिससे वंचित वर्गों को नुकसान उठाना पड़ता है।

सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमलेश सचान ने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक समाज में वास्तविक बराबरी स्थापित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यूजीसी से संबंधित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू कर ही सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सकता है।

चौधरी बृजेश पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि समान अधिकार से ही समाज मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार दिया है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन अधिकारों की रक्षा करे। उन्होंने यह भी कहा कि बहुजन समाज अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रख रहा है।

एडवोकेट बुद्धि प्रकाश ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन है। यदि शिक्षा में भेदभाव समाप्त नहीं किया गया, तो सामाजिक असमानता और गहरी होती जाएगी। पंकज कुमार, शिवरतन अम्बेडकर, राज बाबू, संदीप निषाद और सर्वेश चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए यूजीसी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग का समर्थन किया।

सभा के बाद विशाल जनसैलाब रैली के रूप में जीआईसी ग्राउंड से जिलाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुआ। हाथों में संविधान और बैनर लिए लोग सामाजिक न्याय और बराबरी के अधिकार के समर्थन में नारे लगा रहे थे। रैली के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांति और अनुशासन बनाए रखा।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी एक्ट को पूर्ण रूप से लागू किया जाए और शिक्षा संस्थानों में आरक्षण एवं समान अवसर के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए ठोस नीतिगत निर्णय लेने की अपील की गई।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहेगा।

पूरे कार्यक्रम का संचालन बहुजन एकता मंच के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव और व्यापक हो गया। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।

इस प्रकार बहुजन एकता मंच के नेतृत्व में आयोजित यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षा में समानता, सामाजिक न्याय और यूजीसी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

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