मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद के विकासखंड परशुरामपुर में शनिवार को एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) विनोद कुमार सिंह ने प्रशासनिक दायित्वों से आगे बढ़ते हुए स्वयं सेवक की भूमिका निभाई। उन्होंने कर्मचारियों और सफाईकर्मियों के साथ मनोरमा नदी में उतरकर श्रमदान किया और नदी में जमा गंदगी को हटाने का कार्य किया।
हाथ में फावड़ा और टोकरी लेकर सफाई करते अधिकारी को देख स्थानीय नागरिक भावुक और प्रेरित नजर आए। बीडीओ ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की अपील भी की।
विकास कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां
विनोद कुमार सिंह की पहचान एक सक्रिय, संवेदनशील और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारी के रूप में बन चुकी है। उनके कार्यकाल में विकासखंड परशुरामपुर में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं—
- ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में तेजी।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी ढंग से आवास उपलब्ध कराना।
- मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराना।
- स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण और कचरा निस्तारण पर विशेष जोर।
- जल संरक्षण और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए विशेष पहल।
बीडीओ विनोद कुमार सिंह समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करते रहे हैं। कई अवसरों पर उन्हें स्वयं सफाई करते और पशुओं को चारा खिलाते देखा गया है। उनके अनुसार प्रशासनिक पद अधिकार नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है।
गौसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष तथा जिला अधिकारी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कार्यशैली को विभिन्न समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होने वाले समाचार चैनल News18 पर भी उनके कार्यों पर विशेष स्टोरी प्रसारित हो चुकी है।
जनता के बीच लोकप्रिय
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे अधिकारी विरले ही देखने को मिलते हैं, जो कुर्सी तक सीमित न रहकर समाज के बीच उतरकर कार्य करते हैं। मनोरमा नदी की सफाई के दौरान बीडीओ का श्रमदान यह संदेश देता है कि सच्चा जनसेवक वही है, जो नेतृत्व के साथ-साथ स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करे।
विकासखंड परशुरामपुर में यह पहल न केवल स्वच्छता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास और सहभागिता का सशक्त प्रतीक भी है।

