मूकनायक /सुधाकर मेश्राम
नागपुर/ महाराष्ट्र
वकील वर्ग पर बढ़ते हमलों, सुरक्षा की कमी और नए अधिवक्ताओं को मंच देने की आवश्यकता जैसे मुद्दों को लेकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एडवोकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने और प्रतिक्रांति के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर ने अपने संबोधन में कहा कि अधिवक्ता समाज न्यायदान में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन आज भी वकीलों पर प्राणघातक हमले और अन्याय की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बिखरे हुए लोगों को न्याय नहीं मिल पाता, इसलिए एकता ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने नए अधिवक्ताओं को मंच देने पर जोर देते हुए बताया कि संगठन पूरे देश में विस्तार कर रहा है और व्यवस्थित रूप से कार्य कर रहा है। इस अवसर पर न्यायाधीश बी. चंद्रकापूरे ने भी अपने विचार रखते हुए न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
बार एसोसिएशन का चुनाव लड़ रहे एडवोकेट संदीप नंदेश्वर ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों ने पूरे देश को मजबूती दी है और अधिवक्ताओं को सामाजिक चेतना के साथ कार्य करना चाहिए। वहीं एडवोकेट सुधीर मेश्राम ने कहा कि आपसी संपर्क और संवाद से समाज की समस्याओं का समाधान संभव है तथा नए वकीलों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जरूरी है। एडवोकेट सौ. मौर्य ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के अधिवक्ताओं से संगठन से जुड़कर इसे मजबूत बनाने की अपील की। इस अवसर पर में भीमराव फुसे, इंजीनियर पदमाकर गणवीर, एडवोकेट विनोद खोबरागड़े, ए.बी. राउत, ओ.आर. मौर्य, के.ओ. मौर्य, अनिल कांबले, डी.बी. भौसारे, आकांक्षा बुनकर, प्रदीप सोमकुवर, मानवकर अवनीत, मोहन आठवले, निलेश ठोके, संदीप दुपारे, सुधाकर मेश्राम, सोनल बागडे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि वकील वर्ग के अधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में प्रभावी भागीदारी के लिए संगठन की मजबूती समय की मांग है।

