Thursday, February 26, 2026
HomeUncategorizedगुरु रैदास जयंती बना सामाजिक एकता का महापर्व, पंचशील तिशरण के साथ...

गुरु रैदास जयंती बना सामाजिक एकता का महापर्व, पंचशील तिशरण के साथ हुआ श्रद्धापूर्ण आयोजन

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद के ग्राम आमा पोस्ट जिनवा में दिनांक 31 जनवरी 2026 को संत शिरोमणि गुरु रैदास साहब का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजन की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके उपरांत तिशरण पंचशील के समक्ष माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर गुरु रैदास साहब को नमन-वंदन किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संत रैदास साहब के महान विचारों, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु रैदास साहब ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से समाज को जाति, भेदभाव और ऊँच-नीच से ऊपर उठकर मानवता और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को एकजुट रखने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर पंचशील सेवा समिति, बस्ती के जिला अध्यक्ष पी.के. गौतम मुख्य रूप से उपस्थित रहे उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संत रैदास साहब का जीवन हमें कर्म, समता और भाईचारे की सीख देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे गुरु रैदास साहब के विचारों को अपने जीवन में उतारकर समाज के उत्थान में योगदान दें।

कार्यक्रम के आयोजक श्री शिव शंकर ने सभी अतिथियों और ग्रामीणजनों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम में महेंद्र कुमार, अमन, विकास, प्रिंस, प्रेम सहित अनेक गणमान्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया और संत शिरोमणि गुरु रैदास साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश प्रसारित हुआ।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments