Thursday, February 26, 2026
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जीवन के संघर्षों, दुखों और विपरीत परिस्थितियों के बीच निस्वार्थ प्रेम, करुणा और आत्मीयता करते हैं एक संजीवनी की तरह काम

मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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पथरीला जीवन दुखों, अभावों और अकेलेपन का प्रतीक है। जब मनुष्य विपदाओं से घिरा होता है, तो उसे लगता है कि उसकी भावनाएँ मर चुकी हैं। परंतु, प्रेम एक ऐसी ऊर्जा है, जो अनुकूल परिस्थितियों की प्रतीक्षा नहीं करती। इतिहास गवाह है कि भीषण युद्धों के बीच, जेल की कालकोठरियों में और घोर दरिद्रता में भी लोगों ने एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और स्नेह को जीवित रखा। प्रेम केवल दो व्यक्तियों के बीच का आकर्षण नहीं है, बल्कि यह वह उम्मीद है जो जीने का अर्थ देती है।
परिस्थितियों की कठोरता चाहे कितनी भी अधिक क्यों ना हो, प्रेम की कोमलता अपना रास्ता बना ही लेती है। प्रेम में अटूट शक्ति होती है, जो विपरीत परिस्थितियों, भय और संघर्ष के बीच भी अपना मार्ग खोज लेती है। यह कोमलता ना केवल बाहरी दुनिया को, बल्कि आंतरिक मन को भी शांति प्रदान करती है। प्रेम की कोमलता में इतनी ताकत है कि यह ना केवल कठिन समय को आसान बनाती है, बल्कि जीवन को नए सिरे से संवारने का हौसला भी देती है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

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