✒ गोपाल ऋषीकर भारती
============================ हिंदुत्व के नाम पर नफरत और गंदगी फैलाने वाली भारतीय जनता पार्टी की राजनीति सारे भारत देश ने महाराष्ट्र में एक संवैधानिक हिंदूवादी कायस्त जाती के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चलने वाली महागठबंधन सरकार को गिराने की साजिश को अच्छी तरह से देखा है। कायस्त जाती के लोग भारत देश के इतिहास में अपने जातीय सम्मान के लिए बेहद संघर्षशील रहे हैं इसी जाती के स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष ,महर्षि अरविन्द,प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद,पूर्व प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री ,लेखक मुंशी प्रेमचंद,लोकनायक जयप्रकाश नारायण ,फिल्म महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर शिव सेना संस्थापक बाल ठाकरे जैसे हजारों नाम गिनाए जा सकते हैं जिन्होंने अपने अपने हुनर से सारे देश के निर्माण और गौरव को बढ़ाने में अपना योगदान किया किन्तु स्वामी विवेकानंद जैसे विद्वान को भी हिंदुराष्ट्र वादी कुछ स्थापित ब्राह्मणों ने शिकांगो के विष्वधर्म संसद में शूद्र बताकर भारत का प्रतिनिधि होने से रोक दिया था,तब बौद्ध राष्ट्र श्रीलंका के एक सन्यासी ने अपने भाषण का कुछ समय दिलाकर उनका वक्तव्य होने दिया।जातिवादी ब्राह्मण यदि सही में देशभक्त होते तो स्वामी विवेकानन्द या महर्षि अरविंद को कम से कम शंकराचार्य घोषित कर सकते थे..नेताजी सुभाषचंद्र घोष को भी इसी जातिवादी साजिश के तहत ऐसा मारा गया कि उनकी लाश का भी पता नहीं चला।पूर्व प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री की हत्या का भी ऐसा ही हाल रहा। भारत के लंबे इतिहास में हुई इन नीच ताईयों से हम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य मंत्री संवैधानिक हिंदुत्व वाले कायस्त उद्धव ठाकरे जैसे नेता की महाराष्ट्र सरकार को गिराने की साजिश को समझ सकते हैं।भाजपा के पेशवा ब्राह्मण हिन्दू राष्ट्रवादी फडणवीस को महाराष्ट्र का फिर से मुख्य मंत्री बनाने का सपना देखने वाले कुछ जातिवादी सुप्रीम कोर्ट के वकील और जज,मनुवादी मीडिया, भाजपा के कुछ गोंडसेवादी नेता और उनके दलालों ने मिलकर मराठा हिंदूवादी नेता एकनाथ शिंदे को मोहरा बनाकर सोचा था कि उसको उप मुख्य मंत्री का लालच देकर भाजपा के ब्राह्मण को सी एम बना लेंगे तो वह गेम उल्टा साबित हो चुका हैं।भाजपा के पंडित अब अपने ही हिंदुत्व वाले कार्ड में दो कौड़ी के साबित हो चुके हैं।
भारत देश में हजारों वर्षों से आर्य यूरेशियन,मुगल, पारशी, पठान,अंग्रेज जैसे कई विदेशी तत्व आए और राज करते रहे किन्तु आज से 4000 वर्ष पूर्व यूरेशिया से आए विदेशी तत्वों ने अपने को सुपर ब्राह्मण सबसे ऊंची जात और भारत के मूलनिवासियों को जातिवाद,लिंगभेद,पूंजीवाद और छुआछूत वाले भेदभाव के आधार पर नीच वर्ण ब्राह्मण,छत्री,वैश्य और शूद्र बनाकर गुलाम और लाचार बनाकर इनपर शासन और शोषण किया आज इसी व्यवस्था को हिंदुत्व के नाम पर वो लागू करने तेजी के साथ भारत देश के राष्ट्रीय संस्थानों,उद्योगों, बैंको और कंपनियों को अपने चोर बाजारी चहेते पूंजीपतियों को धड़ल्ले से बेचने में लगे हैं।इतना ही नहीं तो भारत की अरबों खरबों की सम्पत्ति को बहुत ही साजिश के तहत लूटकर तेजी के साथ ये लुटेरे विदेशों में बसना शुरू कर चुके हैं और भारत के आम जनता को हिन्दू ,मुसलमान ,जाती पाती के भयानक झगड़ों में फंसाकर फुट डालो राज करो की हिन्दू नीति चला रहे हैं।हम सब भारतवासी मूलनिवासियों को भाजपा और आर एस एस के इस खरनाक भारत राष्ट्र विरोधी खेल को जल्द से जल्द समझना होगा।
हम ब्राह्मण समाज के लोगों को सबसे पहले समझना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी इस जाती के लोगों को टारगेट बनाकर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोंडसे को अपना आदर्श भगवान बनाकर हिंदुत्व के नाम पर समाज में हिंसा,नफरत और दुराचार फैलाने का काम करवा रही है।भारत राष्ट्र,भारतीय संविधान और मानव अधिकारों के रक्षार्थ बनाए गए राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में हमने भारतीय संवैधानिक आजादी का जन आंदोलन प्रारंभ किया है।यह आंदोलन भारत देशवासियों की 4000 वर्षों की गुलामी और लाचारी को 4 वर्षों में समाप्त कर देने का महान स्वतंत्रता का शांति अहिंसा और सदाचार के संवैधानिक रास्ते चलने वाला जनांदोलन साबित होगा।सभी भारतवासियों मूलनिवासियों से विनम्र अपील है कि मात्र 1% यूरेशियन विदेशी घुसपैठिए जो भारत में सुपर ब्राह्मण बनकर 99% अन्य ब्राह्मणों और गैर ब्राह्मणों को नीच जात और वर्ण बताने वाली शैतनियत को हिंदुत्व के नाम पर फैलाकर आए दिन दंगे फसाद और अराजकता उत्पन्न कर रहे हैं इसके खिलाफ हम सबको कड़ा विरोध दर्ज करना ही होगा।आज उन्हीं देशद्रोहियों के चलते हिन्दू मुसलमान के बीच गोंडसेवादी नफरत में उदयपुर के एक गरीब दर्जी कन्हैया की गर्दन बकरे की तरह कुछ आतंकवादियों ने काट दिया इतना ही नहीं तो उन्होंने भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी को भी मारने कि धमकी दी है।याद रहे हमारी विचारधारा कितनी भी अलग हो किन्तु हमारे भारत देश पर उठने वाले हर संकटों में हमे साथ रहना ही होगा।इसका एक ही रास्ता भारत का सविधान ही है किन्तु सत्ता पर बैठे मंत्री और नेता ही इसका विरोध करेंगे तो मोदी जी की सरकार को इसपर संज्ञान लेकर कड़ी कार्यवाही करना होगा।

