मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले ने अब उग्र रूप ले लिया है। न्याय न मिलने से आक्रोशित मृतका के परिजनों ने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। मृतका के भाई ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह जान दे देंगे। इस दौरान उन्होंने छत से कूदकर आत्महत्या करने तक की धमकी दे डाली, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
पूरा मामला कलवारी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक विवाहिता की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की है। परिजनों का कहना है कि इस मामले में पहले से ही न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की गई और पुलिस की लापरवाही के कारण उनकी बहन की जान चली गई।
मृतका का भाई अन्य परिजनों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा। शुरू में उन्होंने शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन जब उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। मृतका के भाई ने रोते हुए कहा, “अगर हमारी बहन को मारने वालों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो हम यही जान दे देंगे। हमें जीने का कोई हक नहीं है। हमारी बहन को मारा गया है।”
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब मृतका का भाई जिलाधिकारी कार्यालय की छत की ओर बढ़ने लगा और कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। यह देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और किसी तरह समझा-बुझाया गया। काफी देर तक कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि उनकी बहन लंबे समय से ससुराल पक्ष की प्रताड़ना का शिकार थी। मामला न्यायालय तक पहुँचा था, जहाँ महिला को ससुराल में सम्मानपूर्वक रखने और भरण-पोषण देने का आदेश हुआ था। इसके बावजूद न तो आदेश का पालन कराया गया और न ही महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि “अगर समय रहते प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन कराया होता तो आज मेरी बहन जिंदा होती।”
मृतका के भाई का कहना है कि यह साफ तौर पर हत्या का मामला है, लेकिन पुलिस जानबूझकर इसे हल्के में ले रही है। उन्होंने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
हंगामे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद कहीं जाकर मृतका के भाई और अन्य परिजन शांत हुए।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में काफी देर तक कामकाज प्रभावित रहा। आम लोगों की भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस मामले को लेकर चर्चा करता नजर आया। लोगों का कहना था कि अगर पीड़ित परिवार को समय पर न्याय मिलता तो उन्हें इस तरह का कदम उठाने की नौबत नहीं आती।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच तेज करने और संबंधित थाना पुलिस से रिपोर्ट तलब करने की बात कही है। वहीं मृतका के परिजन अब भी डरे और आक्रोशित हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी बहन को जान से मारने वाले सलाखों के पीछे नहीं पहुँचते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस पूरे मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित थाने में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला गंभीर है और पुलिस इसे पूरी संवेदनशीलता के साथ देख रही है।

