
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ मूकनायक
छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के करही गांव के निवासी, प्रवासी मजदूर राम नारायण बघेल की केरल में हुई क्रूर मॉब लिंचिंग ने पूरे देश को झकझोर दिया। 17 दिसंबर 2025 को पलक्कड़ जिले के वालायार (अट्टापल्लम) इलाके में उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर स्थानीय भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 80 से अधिक चोटें दर्ज हुईं, पसलियां टूटी हुई थीं।
इस अमानवीय घटना के खिलाफ बिलासपुर के लायंस भवन में प्रवासी मजदूर संगठनों का मोर्चा पीएमएसम सहित विभिन्न नागरिक समाज संगठनों एवं जन चेतना भारत (जेसीबी) पार्टी द्वारा एक जोरदार आक्रोश-प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, नफरत फैलाने वाली अफवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, और पूरे देश में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की गई।
सभा में देश-प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं पीयूसीएल के राष्ट्रीय सचिव भंवर मेघवंशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राम नारायण बघेल की हत्या पर गहरा आक्रोश जताया और देशभर में बढ़ती ऐसी हिंसा पर प्रकाश डाला। साथ ही, अपनी पुस्तक ‘मैं एक कारसेवक था’ के संदर्भ में आरएसएस में शामिल होने, उसकी आंतरिक कार्यप्रणाली और अलग होने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से साझा किया, जो सभी के लिए विचारोत्तेजक रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता लखन सुबोध जी ने की। सभा के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मजदूर के परिवार को न्याय, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की!
सभा में विशिष्ट अतिथि के रूप में जन चेतना भारत (जेसीबी) पार्टी प्रमुख जसबीर सिंह चावला ने देश में हो रहे अल्पसंख्यक के ऊपर लगातार अत्याचार को रोकने एवं पीड़ित परिवार को न्यायिक मांग दिलाने हेतु प्रण लिया!
इस संवेदनशील मुद्दे पर समय निकालकर छत्तीसगढ़ आने और मजबूत आवाज बुलंद करने के लिए श्री भंवर मेघवंशी जी का हृदय से आभार व्यक्त की गई। ऐसी घटनाएं समाज में नफरत की जड़ें मजबूत करती हैं, इनके खिलाफ एकजुट होकर संगठित प्रतिरोध करना हम सबकी जिम्मेदारी है!

