मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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“जहां लगन और मेहनत हो, वहां हुनर अपने आप रास्ता बना लेता है”, इस कथन का अर्थ है कि सच्ची निष्ठा और अथक परिश्रम से व्यक्ति अपनी क्षमताओं को निखारता है, बाधाओं को पार करता है और सफलता के लिए खुद ही नए मार्ग खोज लेता है क्योंकि निरंतर प्रयास से ही प्रतिभा विकसित होती है । जिम्मेदारी, लगन, मेहनत और सफलता उस उड़ती चिड़िया का नाम है, जो हर किसी के हाथ नहीं लगती। हालांकि ये चारों शब्द आपस में एक-दूसरे से संबंधित होते हैं, मगर फिर भी इनका एहसास होना हर किसी के बस की बात नहीं है।
जिस इंसान को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होता है, वह पूरी लगन और मेहनत से कार्य करता है और एक दिन जरूर सफल होता है। अगर किसी को सफलता तक पहुंचना है तो उसे जिम्मेदारी की पहली सीढ़ी पर जरूर चढ़ना होगा। इस दुनिया में बहुत लोग हैं जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझा और अपनी लगन और मेहनत से सफलता को हासिल किया है। हालांकि जिम्मेदारी को समझने के बावजूद कुछ लोग मेहनत से काम नहीं करते हैं इसलिए वे सफल नहीं हो पाते हैं, लेकिन अगर आपको सफल होना है तो मेहनत भी करनी होगी।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा
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