Thursday, February 26, 2026
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बस्ती मे AIMIM नेताओं और विश्व हिंदू महासंघ में जुबानी जंग, सोशल मीडिया विवाद से बढ़ा तनाव

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। जिले में AIMIM नेताओं और विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों के बीच सोशल मीडिया पर हुई जुबानी जंग के बाद तनावपूर्ण माहौल बन गया है। विवाद की शुरुआत भदेश्वरनाथ क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ हुई कथित मारपीट की घटना से हुई जिसे लेकर विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कोतवाली पहुंचकर AIMIM नेता प्रिंस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद AIMIM नेता प्रिंस ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव आकर पूरे मामले को फर्जी बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। लाइव वीडियो में प्रिंस ने कहा कि जिस आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, वे शिकायतकर्ता को जानते तक नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

प्रिंस ने अपने बयान में विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए कहा कि वे जिले का माहौल जानबूझकर खराब कर रहे हैं। AIMIM नेता ने आरोप लगाया कि अखिलेश सिंह और उनसे जुड़े कुछ संगठन, जिनमें बजरंग दल और विश्व हिंदू महासंघ शामिल हैं, प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौश और मीट की दुकानों को बंद करवाने जैसे कदम प्रशासन का काम है, लेकिन कुछ लोग अपनी “नेतागिरी चमकाने” के लिए खुद ही कार्रवाई कर रहे हैं।

प्रिंस ने लाइव वीडियो के दौरान विश्व हिंदू महासंघ, बजरंग दल और अखिलेश सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रही हैं और इससे जिले में शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों में नाराजगी देखी गई।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह साथियों के साथ दक्षिण दरवाजा पुलिस चौकी पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी की, नारेबाजी के दौरान माहौल गरम रहा, हालांकि पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

फिलहाल दोनों संगठनों के बीच बयानबाजी जारी है, जिससे जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि जिले का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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