रमन कश्यप, शिमला ग्रामीण, हि0प्र0 | हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगातार घट रही छात्र संख्या पर शिक्षा विभाग गंभीर होता दिखाई दे रहा है। शिक्षा सचिव ने इस गिरावट पर निराशा व्यक्त करते हुए सभी जिला अधिकारियों, खंड शिक्षाधिकारियों और स्कूल प्रबंधनों को ठोस सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा हाल ही में की गई समीक्षा में पाया गया कि कई स्कूलों में दाखिले कम हो रहे हैं और निजी संस्थानों की ओर छात्रों का रुझान बढ़ रहा है। शिक्षा सचिव ने बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्कूल वातावरण, अध्यापन पद्धति और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किए बिना इस स्थिति में सुधार संभव नहीं है। उन्होंने शिक्षकों को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, कक्षाओं में नवाचार अपनाने और छात्रों की सीखने की उपलब्धियों को बढ़ाने पर विशेष जोर देने को कहा। इसके साथ ही अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने, पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने और स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में खेल, कला, डिजिटल लर्निंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों की कमी भी छात्रों के पलायन का बड़ा कारण बन रही है। इन कार्यक्रमों को मजबूती से लागू करने पर भी बल दिया गया। शिक्षा सचिव ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदर्शन सुधारने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और हर माह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। विभाग का मानना है कि यदि सामूहिक प्रयास किए जाएं तो सरकारी स्कूलों में छात्रों का विश्वास दोबारा बढ़ाया जा सकता है।

