

मूकनायक राजस्थान बूंदी
संवाददाता विष्णु प्रसाद बैरवा
लाखेरी – अंबेडकर कल्याण परिषद्, लाखेरी की ओर से 26 नवंबर 2025 को अंबेडकर पार्क लाखेरी में संविधान दिवस गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन और संविधान की शपथ के साथ हुई, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की मूल भावना को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबेडकर कल्याण परिषद् के अध्यक्ष रामशंकर बड़ोदिया ने की। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान राष्ट्र की आत्मा है और इसके मूल सिद्धांतों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने संविधान को सामाजिक न्याय का सर्वाधिक प्रभावी माध्यम बताते हुए नागरिकों से संविधानिक मूल्यों को व्यवहार में अपनाने की अपील की।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गायत्री सैनी, विशिष्ट अतिथि श्रीमती कैलाश मीणा और सुनीता कर्णावत, तथा अति विशिष्ट अतिथि संतोष मीणा (पटवारी) और धर्मराज बैरवा ने भी संविधान के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए।मुख्य वक्ता डॉ. रामनिवास मीणा ने संविधान निर्माण की प्रक्रिया, इसकी विशिष्टताओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर इसके प्रभाव को विस्तार से समझाया।मंच संचालन चंद्रमोहन वर्मा द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान समानता और न्याय की स्थापना का पवित्र दस्तावेज है और युवा पीढ़ी को इसकी समग्र समझ होना अत्यंत आवश्यक है।समारोह में पहुँचे गुलाबचंद मेवलिया ने संविधान की सर्वसमावेशी प्रकृति पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे प्रगतिशील और शक्तिशाली संविधान है, जो हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का बोध भी कराता है।वहीं पृथ्वीलाल मीणा ने संविधान को सामाजिक न्याय के क्रियान्वयन का वास्तविक माध्यम बताया और कहा कि डॉ. अंबेडकर के सपनों को साकार करने के लिए संविधानिक मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है।एडवोकेट विनोद कुमार ने कहा कि संविधान भारत के लोकतंत्र की रीढ़ है, जो नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के निर्वहन की दिशा भी देता है। उन्होंने कहा कि संविधान का पालन ही समाज को मजबूत बनाता है।अनिल मेहरा ने संविधान को राष्ट्रनिर्माण का आधार बताते हुए युवाओं से इसके अध्ययन और पालन की अपील की।बाबूलाल मेहरा ने कहा कि संविधानिक अनुशासन और मूल्यों का सम्मान समाज में समरसता और सौहार्द बनाए रखने की कुंजी है।इस अवसर पर शहर और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक—सुनीता कर्णावत, कैलाश मीणा मैडम, धर्मराज बैरवा, विनोद एडवोकेट, डॉक्टर रामनिवास मीणा, संतोष मीणा पटवारी, चंद्रमोहन वर्मा, बाबूलाल मेरा, गुलाबचंद मेवलिया, रामरतन बेरवा, हरिप्रसाद, रामगोपाल ठेकेदार, राजेश बुर्वत, बद्रीलाल महाराज, बाबूलाल भारती, रमेश बैरवा, रामचरण बेरवा, राकेश बैरवा, छोटू लाल, बाबूलाल मीणा (ठेकेदार), भवानी सिंह बेरवा, सूरज बड़ोदिया, केदार मीणा, रामस्वरूप, राजेंद्र बेरवा, रेवाड़ी लाल, चित्रलाल, सीताराम सैनी, बनवारी लाल, प्रेमलाल, अनिल मेहरा, जगदीश मेहरा, सागर बेरवा, विष्णु प्रसाद बेरवा, सद्दाम हुसैन (द टाइगर फिटनेस ज़ोन), महेश महावर, हरगोविंद महावर, लक्ष्मीनारायण, गुलाबचंद मेवलिया, बजरंग लाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।अंत में अमर सिंह बैरवा, जिला सभाध्यक्ष—राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर), जिला बूंदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि संविधान दिवस जैसे कार्यक्रम समाज को जागरूक करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अंबेडकर कल्याण परिषद् की इस पहल को सराहते हुए इसे संविधानिक चेतना को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।

