
मूकनायक
छत्तीसगढ़
म. प्र. शासन के मंत्रालय में अनेक विभागों में प्रमुख सचिव के पद पर पदस्थ रहे एवं अनेक जिलों में कलेक्टर के पद पर पदस्थ रहे (1987 बैच) के वरिष्ठ आई. ए. एस. अधिकारी डॉ. एम. मोहन राव का 67 वर्ष की आयु में दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को भोपाल, में आकस्मिक निधन हो गया। वे विद्वान, दूरदर्शी, सामाजिक चिंतक, गीतकार एवं कलाकार थे। वे दक्ष प्रशासक और आम जनता के मददगार अधिकारी थे। उनकी पत्नी एम. अरुणा मोहन राव अति. पुलिस महानिदेशक के पद पर रही है।
आमतौर पर अधिकांश आई. ए. एस. और आई.पी. एस. अधिकारियों में अपने पद को लेकर ईगो – अकड़ के साथ कर्तव्य निष्ठा तथा मधुर व्यवहार का आभाव पाया जाना सर्वविदित है। किंतु डॉ. मोहनराव मधुर व्यवहार के धनी थे। उनकी हर किसी के साथ मिलते और बात करते हुये चेहरे पर मुस्कान को सभी ने देखा है। उनमें कठिन समस्या को भी निराकरण करने की विशेष खूबी थी। सेवानिवृत होने के बाद वे भोपाल में “रावज एकेडमी फॉर कॉम्पटेटिव एग्जाम” नाम से यूपीएससी एवं एमपी पी एस सी का कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालित कर रहे थे।
डॉ. मोहनराव ने मेरे अधिनस्थ एम. डी. के रूप में मेरे साथ काम किया है। मेरे अधिनस्थ लगभग दस वरिष्ठ आई. ए. एस. अधिकारियों ने काम किया है। जिनमें सुधीर रंजन मोहंती, सलीना सिंह, अशोक शाह, के. सुरेश, वीरेंद्र बॉथम, बी. एस. श्रीवास्तव, उमर खट्टानी, पुखराज मारू, राम मेश्राम एवं अन्य रहे है। इनमें सुधीर रंजन मोहंती जी म. प्र. शासन में मुख्य सचिव के पद पर भी रहे। उनके साथ मेरा मधुर एवं लम्बा तथा यादगार कार्यकाल रहा है। उनके साथ ही मैने प्रदेश में बड़े बड़े मेले आयोजित कर सौ सौ करोड़ राशि का वितरण दलित बेरोजगारों को रोजगार हेतु किया था।
डॉ. मोहनराव के साथ में मेरे अस्मरणीय – मित्रवत संबंध रहे है। समाज के दलित, शोषित, वंचित,वर्ग के उत्थान और विकास के प्रति उनमें क्रांतिकारी जज्बा और अटूट समर्पण था।उनके आकस्मिक निधन से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है। मैं उन्हें सम्मानपूर्वक विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके प्रिय परिवार के प्रति इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी शोक संवेदनायें व्यक्त करता हूं।
इंद्रेश गजभिये
चेयरमैन – डॉ अम्बेडकर महापरिनिर्वाण भूमि दिल्ली कमेटी

