Thursday, February 26, 2026
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धम्म दीक्षा दिवस समारोह में उमड़ा जनसैलाब, लोगों ने लिया बौद्धमय भारत बनाने का संकल्प

मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। नरखोरिया बौद्ध विहार में 14 अक्टूबर को धम्म दीक्षा दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार तथा बौद्धमय भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध वंदना और त्रिशरण पंचशील का पाठ कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया। धम्म दीक्षा दिवस के अवसर पर लोगों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी, इसी ऐतिहासिक दिवस की स्मृति में प्रतिवर्ष धम्म दीक्षा दिवस मनाया जाता है।

समारोह के मुख्य अतिथि पूज्य भंते शील प्रकाश (उपाध्यक्ष भिखु संघ कुशीनगर) रहे। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने मानवता, समानता और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित बौद्ध धर्म को अपनाकर समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बुद्ध के संदेशों को अपने जीवन में उतारें और समाज में शांति, भाईचारे तथा न्याय की स्थापना करें।

कार्यक्रम का उद्घाटन बस्ती जिले की रुधौली विधानसभा के विधायक राजेंद्र चौधरी ने किया उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाकर सामाजिक परिवर्तन की जो अलख जगाई थी, वह आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत है उन्होंने कहा कि बुद्ध और अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना समय की मांग है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. फूलचंद गौतम ने की, जबकि संचालन एडवोकेट बुद्धि प्रकाश गौतम ने किया इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे और बौद्ध दर्शन के माध्यम से सामाजिक एकता व मानवता के उत्थान का संदेश दिया

कार्यक्रम में तिलकराम गौतम, पंकज कुमार (सल्टौवा) , गोविंद कुमार गौतम (बसपा विधानसभा प्रभारी), बुद्ध कुमार आजाद, दीपक आजाद, डॉ. संजय गौतम, बालेश्वर प्रधान, संतोष सिंघानिया सहित कई लोग उपस्थित रहे सभी ने एक स्वर में कहा कि यह बुद्ध की धरती है और हम सब मिलकर बुद्ध और डॉ. अंबेडकर के विचारों को घर-घर पहुंचाने का कार्य करेंगे।

कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों सहित हजारो की संख्या मे आस पास जिले के महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी भारी उपस्थिति रही। समारोह के दौरान पूरे परिसर में “जय भीम” और “ नमो बुद्धाय” के जयकारे गूंजते रहे लोगों ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे बौद्ध धर्म के सिद्धांतों – सम्यक दृष्टि, सम्यक वाणी और सम्यक कर्म – को जीवन में अपनाएंगे तथा समाज में समानता, शांति और बंधुत्व का वातावरण स्थापित करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में जादूगर आर टी अर्जक द्वारा जादू के पाँच ट्रिक दिखाये गए और बच्चों ने डांस और नाटक जैसी कार्यक्रम किए

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज में जागरूकता बढ़ती है बल्कि लोगों के भीतर मानवीयता और करुणा का भाव भी विकसित होता है।

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