मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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प्रेम गणित के सवाल जैसा होता है। किसी को समझ नहीं आता, किसी से हल नहीं होता। दुनिया में अगर छोड़ने जैसा कुछ है तो सबसे पहले दूसरों से उम्मीद करना छोड़ दो । हालांकि समस्या ये नहीं कि सच बोलने वाले कम हो रहें हैं, बल्कि वास्तविकता यह है कि सिर्फ अपनी मर्जी का सच सुनने वालों की तादाद बढ़ रही है!!
इसीलिए कहते हैं कि प्रगति धीरे ही होती है, जल्दी तो पतन हुआ करते हैं। हमेशा खुश रहने के कारण तलाशों, किसी इंसान के घटिया व्यवहार के कारण अपने मन की शांति को भंग मत होने दो। परिस्थिति के अनुसार जीना सीखों, समय अपने आप बदल जायेगा। बाकि:- बात दिमाग में बैठा लो “जिन्दा हो तो निन्दा भी होगी क्योंकि तारीफें तो मरने के बाद हुआ करती हैं”
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

