
मूकनायक
रायपुर
राजधानी रायपुर के लोगों को जल्द ही ट्रैफिक जाम और हादसों से बड़ी राहत मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने शहर मेंe सात नए ओवरब्रिज के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इन सभी परियोजनाओं को बजट में स्वीकृति मिल चुकी है और अगले एक वर्ष के भीतर इनका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह कदम राजधानी की तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए उठाया गया है।*
PWD द्वारा किए गए सर्वेक्षण में उन सड़कों की पहचान की गई है, जहां रोजाना भारी ट्रैफिक जाम और सड़क हादसे होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर तय किया गया कि किन क्षेत्रों में ओवरब्रिज की सबसे अधिक जरूरत है। विभाग का दावा है कि इन ओवरब्रिज के निर्माण से जनता का सफर औसतन 20 मिनट तक कम हो जाएगा और ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुगम हो सकेगी।
*♦️इन स्थानों पर बनेंगे ओवरब्रिज*
1. कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट तक
डेढ़ किलोमीटर लंबे इस ओवरब्रिज की लागत लगभग 50 करोड़ रुपये होगी। इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब 35 हजार वाहन गुजरते हैं और सुबह-शाम भारी जाम की स्थिति रहती है। सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
2. फुंडहर चौक से टेमरी तक
एयरपोर्ट मार्ग पर जाम से राहत दिलाने के लिए लगभग 700 मीटर लंबा और 17 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर 30 करोड़ की लागत से बनेगा। इससे यात्रियों का समय 10 मिनट तक बचेगा।
3. अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल तक
केनाल लिंकिंग रोड पर 40 करोड़ रुपये की लागत से यह ओवरब्रिज बनाया जाएगा। यहां रोजाना 25 हजार वाहन चलते हैं और ट्रैफिक की समस्या गंभीर बनी रहती है।
4. गुढ़ियारी से एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाला फ्लाईओवर
शुक्रवारी बाजार से स्टेशन की ओर आने वाली सड़क को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए फ्लाईओवर की योजना बनाई जा रही है। यहां प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। प्रारंभिक योजना तैयार की जा रही है।
5. मोवा : खालसा स्कूल से रिलायंस मार्ट तक
मोवा में बन रहे ओवरब्रिज की अनुमानित लागत लगभग 135 करोड़ रुपये है। यह क्षेत्र भी ट्रैफिक के अत्यधिक दबाव से जूझ रहा है।
6. भनपुरी चौक
भनपुरी चौक पर 40 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनेगा। यहां रोजाना 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति आम हो गई है।
7. खारुन नदी पर ओवरब्रिज
यह ब्रिज रायपुर और पाटन को जोड़ेगा। 60 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से प्रतिदिन 80 हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी। प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

