Thursday, February 26, 2026
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तीन दिवसीय क्रमिक धरना प्रदर्शन आंदोलन दूसरा चरण संपन्न

मूकनायक/बिलासपुर
छत्तीसगढ़

                                                                                                                                                                             बिलासपुर। आल इण्डिया बु़िद्धष्ट फोरम, बिलासपुर छ.ग.,भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुरय छ.ग., बौद्ध समाज बिलासपुर, डाॅ. आम्बेडकर युवा मंच बिलासपुर छ.ग. महिला सशक्तिकरण संघ बिलासपुर छ.ग., के साथ ही भारतीय बौद्ध महासभा महिला विंग बिलासपुर छ.ग., भारतीय बोद्ध महासभा युथ विंग बिलासपुर छ.ग., बौद्ध समाज पंचशील नगर तिफरा बिलासपुर छ.ग., बुद्धयान सोसायटी बिलासपुर छ.ग., डाॅ. आम्बेडकर युवा मंच (जूनियर) बिलासपुर छ.ग., डाॅ. आम्बेडकर नव युवक समिति बिलासपुर छ.ग., सर्व एससी, एसटी, ओ.बी.सी. एण्ड अल्पसंख्यक महासंघ छ.ग.  भारतीय बौद्ध महासभा धमनी चकरभठा बिलासपुर छ.ग., नगार्जुन बौद्ध विहार, पंचशील बौद्ध विहार, करूणा बौद्ध विहार, आनंद बौद्ध विहार के संयुक्त तत्वाधान में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम डाॅ. आम्बेडकर प्रतिमा स्थल, जीडीसी काॅलेज के पास, बिलासपुर में आयोजित किया गया है ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  मेघश्याम दामके  सामाजिक कार्यकर्ता बिलासपुर एवं सुदामा मेश्राम संरक्षक भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वारा डाॅ. बाबा साहब आम्बेडकर जी के एवं तथागत भगवान गौतम बुद्ध के तैल्य चित्र पर माल्यांर्पण के साथ ही दीप प्रज्वलन कर, सामुहिक बुद्ध वंदना करते हुए धरना प्रदर्शन के दुसरे दिन 27.07.2025 की शुरूवात की गयी। जिसमे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर, एवं सभी बिन्दुओं पर अपने विचार रखते हुए ।राजेश हुमने जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर द्वारा आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सम्पूर्ण जानकारी दी और बताया गया कि 12 फरवरी से माननीय आकाश लामा जी आल इण्डिया बुद्धिष्ट फोरम के राष्ट्रीय महासचिव एवं महाबोधि महाविहार आंदोलन के नेतृत्वकर्ता, प्रणेता एवं पुरे भारत वर्ष से बौद्धगया बिहार में आंदोलन में शामिल होने आए सभी पूजनीय भंते जी की उपस्थिति में आज दिनांक तक का आंदोलन चल रहा है। बौद्धगया जिला प्रशासन के द्वारा लगातार आंदोलन को समाप्त करने के लिए हर तरह के हतकंडे का इस्तेमाल किया जा रहा है।विगत माह  रात्रि में 12.00 बजे सभी पूजनीय भंतो को स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर जबरदस्ती एम्बूलेंस बुलवा कर हाॅस्पिटल ले जाया गया, वहां डराया धमकाया गया मारपीट की गयी, जिसमें महिला भंते जी भी शामिल थी ।आकाश लामा को एवं पूजनीय सभी भंते जी को मानसिक रूप से शारीरिक रूप से प्रताड़ित एवं हरासमेन्ट किया गया। ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके। विगत माह काश्मीर के पहलगाम में घटना हुई जिसमें आतंकवादियों द्वारा हमारे देश के सीधे साधे भोले भाले नागरिको को मारा गया। इस घटना से भारत पाकिस्तान का युद्ध छीड़ गया राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रख कर देश में जितने भी धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम चल रहे थे उसे सरकार के द्वारा बंद कराने हेतु कहा गया। इस कारण हमारा भी बौद्धगया महाबोधि विहार मुक्ति का आंदोलन भी एक-दो दिनों के लिए प्रभावित हुआ। जिस मैदान पर आंदोलन चल रहा था उसके जमीन मालिक के द्वारा बार-बार मैदान खाली कराने हेतु नोटिस भेजा गया जिसके कारण दुसरी जगह आंदोलन को शिफ्ट किया गया। जो कि आज दिनांक तक का आंदोलन अनवरत चल रहा हैं।

आकाश लामा और उनकी टीम को देश के प्रत्येक राज्यों में एवं जिलों में बड़ी-बड़ी जन सभाओं में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा रहा है। जिसमें अभी तक जो भारत वर्ष में जन सभाएं हुई उसमें प्रमुख रूप से भोपाल, नागपुर, मुंबई, रायपुर, औरंगाबाद, भंडारा, हैदराबाद, यवतमाल, संकीसा (उ.प्र.), आगरा, झांसी, ग्वालियर, जयपुर आदि देश के प्रमुख शहरों में राष्ट्रव्यापि बौद्ध जागरूकता जन सभाओं के माध्यम से कार्यक्रम का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। राजेश हुमने जी ने बताया कि अब आंदोलन जो है अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरीका के सांसद भवन के पास बुद्धिष्ट विचारधारा वाले प्रमुख देशों में कनाडा, ब्रिटेन, थाईलैंड के द्वारा बौद्धगया महाबोधि महाविहार, मुक्ति आंदोलन BTMC एक्ट-1949 को रद्द करने के समर्थन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुदामा मेश्राम ने कहा की बुद्ध के धम्म की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा की धम्म की राह में चलकर ही हम शांतिपूर्ण ढंग से इस आंदोलन को सफलता की ओर ले जा सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक सच्चाई को झुठलाया नही जा सकता। चक्रवर्ती राजा सम्राट अशोक के शासन काल को इतिहास की पुस्तकों में आज भी पढ़ाया जाता है। महाबोधि महाविहार का निर्माण कार्य भी उन्होंने ही करवाया था।अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार रखे जिसमें प्रमुख रूप से सपना गजभिये, कैलास गजभिये, कृष्णा रायकर, सुरेश दिवाकर, राधेश्याम टंडन, राजेश नायक, कुणाल रामटेके, दीक्षा खोब्रागड़े,वीरेन्द्र नागवँसी, लोकेश पूजा बौद्ध ने अपने विचार व्यक्त किए। धरना प्रदर्शन में बैठने वाले सदस्यों की उपस्थिति में
छेदी लाल मेश्राम , एस.आर.वाल्के, सरिता कामड़े, कल्पना शेंडे सूर्यकान्त भालाधरे, राजेश हुमने, संतोष खोबरागड़े , सुबोध रंगारी, मधुकर वासनिक, महेश चन्द्रिकापुरे, श्वेता गेडाम, सरोज हुमने, राजेश, नायक, विरेन्द्र नागवंशी, , अजय नागले, तरूणा नागले, राजेश रामटेके, लक्ष्मी वाहने, सत्यभामा नन्दागौरी संस्कृति, सीमा मेश्राम ,अनुराधा बोरकर, हेमा रामटेके, उजाला चन्द्रिकापुरे, गीता उके, रूपा मेश्राम राजेश रामटेके सरिता चंदन खेड़े, सुरेन्द्र चंदन खेड़े वर्षा मेश्राम, संघ मित्रा मेश्राम, सावित्री मेश्राम अंजना बोरकर बिंदु भीमटे, अनीता भीमटे ,चिंतामणि भीमते, शैली भीमटे ,शिल्पी भीमटे, पूर्णिमा गोंडाने,स्वाति मेश्राम, सुजाता भीमटे, आशा दीपिका बोरकर, अनीता नागदौने, सुजाता खोबरागड़े ,रूपा मेश्राम ,वीरेंदर नागवंशि ,करुणा नागवंशि विचारणा बोरकर, कौशल्या नागदौने,दुर्गेश ऊके,जयश्री उके, द्वारा आज के धरना प्रदर्शन पर संध्या 5.00 बजे तक का अपना समर्थन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन राजेश हुमने , श्वेता गेडाम द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन सरोज हुमने के द्वारा किया गया। धरना स्थल पर आ कर सैकड़ों की संख्या पर समस्त उपासक एवं उपासीकाओं ने धरना आंदोलन का समर्थन किया। राजेश हुमने जिला अध्यक्ष भारतीय बौद्ध महासभा बिलासपुर ने जानकारी दी।

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