
महाबोधी महाविहार हमारा राज तुम्हारा…..नहीं चलेगा नहीं चलेगा नारों के साथ जन सैलाब उमड़ पड़ा।
मूकनायक/ छत्तीसगढ़
दुर्ग जिले के समस्त बौद्ध संगठनों ने ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में दुर्ग कलेक्टर को चार प्रतियों में राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री,सर्वोच्च न्यायालय ,मुख्यमंत्री,बिहार सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।दुर्ग/भिलाई के समस्त बौद्ध संगठन बिहार के बोधगया महाबोधी महाविहार से बीटी 1949 एक्ट निरस्त करने और महाबोधी महाविहार को करने के लिए ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सविता बौद्ध संकल्पी उर्फ सामनेरी खेमा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में एवं समता सुरक्षा सेना के संरक्षण और अन्य बौद्ध संगठन की गरिमामई उपस्थिति में दुर्ग कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सविता बौद्ध ने अपनी मांगे रखते हुए कहा शासन प्रशासन सुन ले और संज्ञान ले कि महाबोधी महाविहार का संघर्ष 134 वर्षों से चला आ रहा संघर्ष है।पूज्य अनागरिक धम्मपाल से लेकर,पूज्य भंते नागार्जुन सुरई ससाई और अब आकाश लामा के नेतृत्व में यह लड़ाई कोर्ट से कानूनन और सड़क से जमीनी स्तर पर हम आखिरी दम तक लड़ेंगे । साथ ही हम चाहते है बौद्ध भिक्षु विन्याचार्य की बाइज्जत रिहाई हो । समता सुरक्षा सेना से आयुष्मान अनिल जोग ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार की घोर निंदा करते हुए कहा महाबोधी महाविहार हम बौद्धों की विरासत है और इसके लिए हम आगे भी धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे । ये संघर्ष हमारा अवश्य रंग लाएगा । सामनेरी विशाखा ,सामनेरी संघप्रिया भिक्षुणी संघ और सामाजिक कार्यकर्ताओं लगभग चार सौ – पांच सौ लोगों की उपस्थिति में रैली निकालकर शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला गया । ऑल इंडिया बुद्धिष्ट फोरम छत्तीसगढ़ और दुर्ग/भिलाई आंदोलन के नेतृत्वकर्ता, तन-मन-धन से जमीनी स्तर पर कार्य करने और श्रमदान करने वाले डॉ .अरविंद चौधरी,अनिल जोग,रामाराव ढोक,सुदेश कुमार,आशीष चौहान,महेंद्र बौद्ध,अल्का बौद्ध,जयश्री बौद्ध,करुणा भालाधरे,अर्चना वासनिक,रसिया सहारे,नीलिमा कांहेकर,काशी मेश्राम,महेंद्र चौहान,माधुरी रंगारी ,दिलीप रामटेके आदि सुबह से शाम तक धरने स्थल पर अपनी सेवाएं दे रहें है।आपका समर्पण और कड़ी मेहनत अवश्य ही रंग लाएगी और बीटी एक्ट 1949 रद्द होकर रहेगा ।आंदोलन के पहले दिन से अपनी ओजस्वी वाणी से आयुष्मान डॉ.अरविंद चौधरी सुदेश कुमार और अनिल जोग पहले दिन से बोधगया महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन की वर्तमान वस्तुस्थिति पर अपने जोशीले वक्तव्य से लोगों को जागृत कर रहे है। हमारी केवल दो ही मांगे पहली बीटी एक्ट 1949 रद्द हो और महाबोधि महाविहार गैर बौद्धों से मुक्त होना चाहिए । अन्यथा यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार सरकार बीटी एक्ट 1949 खत्म नहीं कर देती और महाबोधी महाविहार प्रबंधन बौद्धों को सौंप नहीं देती। प्रियदर्शी सम्राट अशोक के अनेक बौद्ध स्थलों को अतिक्रमण और हड़प करके रखा है।
इस अवसर पर साक्षी बौद्ध,श्रेया,रिया ,,मंजू डोंगरे,प्रमिला रंगारी,योगेश सहारे,किशोर वाल्दे ,योगा डोंगरे, एस.आर. कांडे प्रज्ञा कांडे,लतिका खांडेकर ,खुशबू बौद्ध,अष्टशिला वासनिक, बेनू गजभिए,राजू गेडाम भूषण नाडिया,ज्योति गेडाम, एस.आर.कांडे, प्रज्ञा कांडे , लाला रंगारी,यशोधरा रामटेके,आयुष रामटेके,शोभा जम्भूलकर, नीलावती ,घनश्याम लांजेवार ,आनंद रामटेके, बी.पी.नोनहारे,आदित्य ऊके, सुखवंता घरडे,कविता रंगारे ,सार्थक, शशि माहेश्वरी,विशाखा ठवरे,प्रीतिमा गेडाम,इंदिरा खोबरागड़े,निर्मला खोबरागड़े,अल्का भावे,सुरेखा मिश्र,किशन बोरकर,दिगम्बर टेंभेकर,प्रेमलता,डोंगरे,रेखा , प्रतिमा बोरकर,वंदना गायकवाड़,वंदना पाटिल,सविता सहारे,प्रतिमा जनबंधु, लालीना ,जम्भूलकर,एडवोकेट आर.के.मेश्राम,बिंदु वैद्य,भागवत बागड़े,विनोद वासनिक,राजकुमार साहू,ऊषा वैद्य,सुषमा वैद्य,संतोष नंदा,प्रीति बेले,सुरेन्द्र बोधी,अशोक कुमार,तेजराम मेश्राम,दिलीप रामटेके भूमिका,नेहा,द्वारिका रामटेके,ज्योति भीमटे,पूर्णिमा मेश्राम,सुनीता भीमटे, गौतमा गेडाम,पूर्णिमा टेंभेकर,प्रमिला वाहने,गीता शेंडे ,शर्मिला घोड़ेसवार,वेदना मेश्राम,राजेंद्र मेश्राम,गीता वैद्य,अविनाश अड़कने, ऊषा गावंडे,दीपक घोड़ेसवार,छत्रपति वासनिक, डॉ सरोज,भूपत बोरकर, आरव ,पूनम अजय शेंडे,आयशा,ने गरिमामई उपस्थिति दर्ज कराई। इंदु ढोक ने धरना प्रदर्शन में जलपान की सेवाएं दी। प्रतीक्षा सहारे,सृष्टि,सहारे
रिया,श्रेया,श्रेयस ,अक्षिता, आयशा और प्रज्ञा बच्चों ने नारों के माध्यम से बिहार सरकार से मांग की है।

