Thursday, February 26, 2026
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गडुही-भौरा-कस सड़क का मुद्दा :सच्चाई की जीत

ब्यूरो चीफ मंडी | हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज, किसान सभा की भौरा इकाई की प्रधान कमला देवी, सचिव श्याम सिंह, उपाध्यक्ष जय सिंह, सह सचिव रूप लाल, गड़ूही कमेटी के प्रधान रूप सिंह, सचिव जगदीश चंद के अलावा घरासी व गयोला कमेटियों ने मांग की है कि गड़ूही भौरा कस सड़क की निशानदेही पूर्ण होने के बाद इस सड़क को तुरंत खोला जाए। आज हुई निशानदेही में राजस्व विभाग की टीम के अलावा वन विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस कर्मी, जमीन से संबंधित पक्ष व बड़ी संख्या में किसान सभके कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुई निशानदेही से यह बात साबित हो गई कि जिस जगह से सड़क को लेकर विवाद है वह वानभूमि है और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है। जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज और 5 गांवों के किसान यही बात बार बार कह रहे थे, कि सड़क को बेवजह रोका गया है और इसमें लोक निर्माण विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते 5 दलित बस्ती के गांवों को जोड़ने वाली सड़क को जानबूझ कर नहीं खोला जा रहा है। वैसे तो किसान सभा और स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से सड़क खोलने की मांग कर रहे थे, लेकिन जब जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने मै महीने में प्रतिनिधिमंडल ले जाकर एक्सईएन को ज्ञापन दिया और कोई कार्यवाही न होने के चलते जब दोबारा 17 जून को प्रदर्शन किया तो एक्सईएन द्वारा उन्हें और उनके साथ आए दलित परिवारों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने से इंकार करने और मिलने के लिए पहले एसडीएम की लिखित अनुमति लेकर आने की जिद्द तथा पुलिस बल के माध्यम से कार्यालय के गेट पर रोकने के बाद यह मुद्दा एकाएक पूरे प्रदेश का मुद्दा बन गया। किसान सभा ने 25 जून को विशाल प्रदर्शन किया तथा एक्सियन को हटाने व सड़क जल्दी खोलने की मांग की। 24 जुलाई को प्रशासन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी निशानदेही के बहाने स्पॉट में गए तथा लोगों से 25 जून के प्रदर्शन में न आने को कहा। बावजूद इसके 25 जून को भारी बारिश में भी सैकड़ों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए तथा मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी दिया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य ने फिर से स्थानीय प्रशासन को 7 दिन में सड़क खोलने का अल्टीमेटम दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने 30 जून को फिर से निशानदेही की तारीख तय की, लेकिन 30 जून को भी भारी बारिश के कारण निशानदेही नहीं हो पाई थी। इसके बाद आज जो निशानदेही हुई उससे सभी पक्ष सहमत हुए। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यह सच्चाई की जीत है तथा जनता के एकजुट संघर्ष की जीत है, जिसके लिए समस्त जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने लोकनिर्माण विभाग से 3 दिन के अंदर सड़क खोलने की मांग की है। यदि विभाग इसमें असफल रहा तो वे अब एक्सियन कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के आरोपी और तानाशाह एक्सियन के खिलाफ भी जल्दी ही कार्यवाही करेगी।

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