Thursday, February 26, 2026
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दलित अधिकार केंद्र द्वारा जिला स्तरीय सामुदायिक जागरूकता शिविर संपन्न


मूकनायक /राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा

दौसा/राजस्थान

दलित अधिकार केन्द्र के तत्वाधान में 25 जून 2025 को सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सामुदायिक भवन खेड़ला बुजुर्ग तहसील महुआ जिला दौसा में किया गया कार्यक्रम का संचालन मुंशीलाल बरोलिया सामाजिक कार्यकर्ता ने किया
शिविर में केन्द्र के निर्देशक एडवोकेट सतीश कुमार ने केन्द्र के बारे में परिचय देते हुए कहा कि केन्द्र दलित एवं महिलाओं पर अत्याचारों के मामलों में कानूनी हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलवाने का प्रयास करता है इसी के साथ दलित एवं महिलाओं के हित में पर भी काम करता है।
कि आजादी के इतने सालों बाद आज भी दलितों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं दलितों को कानून की जानकारी बहुत जरूरी है अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 संशोधन 2015 के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा की साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति व महिलाओं के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निशुल्क कानूनी जानकारी व निशुल्क एडवोकेट उपलब्ध कराया जा सकता है अनुसूचित जाति जनजाति वह महिलाओं के लिए कोई आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती है।
कश्मीरा सिंह राज्य समन्वयक महिला मंच राजस्थान यह बताया कि किसी भी देश के उन्नति बिना महिलाओं के संभव नहीं है हमें महिलाओं को साथ लेकर चलने की जरुरत है साथ ही महिलाओं के बने कानून जैसे घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 कार्य स्थल पर यौन शोषण अधिनियम2013 , बालको के विरुद्ध लैंगिक शोषण निवारण अधिनियम 2012, गुड इट्स डेड टच के बारे में विस्तारपूर्वक बताया सुनीता देवी बैरवा एडवोकेट समन्वयक दलित अधिकार केन्द्र दोसा के काफी प्रयासों के बाद राजस्थान में एससी एसटी डेवलपमेनट फण्ड एक्ट 2022 पारित हुआ है और राजस्थान देश का पांचवा राज्य है जिसमें यह कानून पारित हुआ है। इस कानून के नियम प्रभावी बने इसके लिए हमें सामूहिक रूप से प्रयास करना पड़ेगा। सरकार को दलितों के अनुपात में बजट देनाहोगा देश में पहले अनुसूचित जाति की जनसंख्या 16 प्रतिशत बजाए दलितों की जनसंख्या 18 प्रतिशत हो गई है इसलिए सरकार को जनसंख्या के प्रतिशत अनुसार ही बजट देना चाहिए ताकि दलितों का विकास से हो सके मुंशी लाल बारोलिया अध्यक्ष जाटव महासभा दोसा मैं बताया कि बाबा साहब ने संविधान संविधान देकर हमारे मौलिक अधिकारों की रक्षा की है बाबा भीमराव अंबेडकर ने संविधान में आर्टिकल17 में छुआछूत में भेदभाव को दिल को समाप्त कर दिया और बाबा साहब ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पिएगा वही दहाड़ेगा बाबा भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपने जीवन में उतरने के लिए कहा साथ ही बाबा साहब ने हमें तीन मूल मंत्र दिए हैं शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो आज भी हमें इस मूल मंत्र को अपने जीवन में उतरने की आवश्यकता है।
कमला केसरा जिला परिषद सदस्य महुआ ने बताया कि दलितों को हो रहे अत्याचार का विरोध करना चाहिए साथ ही जो वास्तविक घटना है उसके बारे में फिर लिखवानी चाहिए घटना को तोड़ मैरोड कर पेश नहीं करना चाहिए तथा फिर लिखवाते समय किन-किन सावधानियां को बरतनाचाहिए चाहिए हमें मजबूती से अपने केस के लिए खुद लड़ना होगा।
राजेंद्र सिंह जाटव सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि देश में दलित महिलाओं की स्थिति बिल्कुल दयनीय है। महिलाओं को आर्थिक रूप से भी मजबूत होने की जरूरत है सरकार द्वारा चलाई जा नहीं योजनाओं का हमें समय-समय पर लाभ लेना होगा साथ ही बताया कि दलित अधिकार केंद्र के सहयोग से मैंने मैं संघर्ष करना सीखा है हमें संघर्ष से घबराना नहीं है बल्कि मिलकर उसका सामना करना होगा।
मोहन सिंह खेडला सामाजिक कार्यकर्ता वह अध्यक्ष भीम आर्मी
ने बताया नहीं बताया कि हमें आज कि आज के परिपेक्ष में कानूनी जानकारी का साथ ही शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान की आवश्यकता है इसके लिए हम और प्रयास करेंगे
शिविर में सामाजिक कार्यकर्ता अपने-अपने विचार रखे।
उक्त शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्र 65 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
(सुनीता बेरवा)
जिला समन्वयक
दलित अधिकार केन्द्र, दौसा /राजस्थान
मोब.-99822463 17

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