मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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किसी भी कठिन या चुनौतीपूर्ण कार्य को करने के लिए, भय या अनिश्चितता का सामना करने की इच्छा और दृढ़ता, साहस की श्रेणी में आते हैं। यह गुण हमें जोखिम लेने, बाधाओं को पार करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान है कि वह इस बात की चिन्ता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं…! हमें एक अच्छा पिता या माँ, पति या पत्नी, बॉस या कर्मचारी बनने के लिए साहस की ज़रूरत होती है।
जिस काम को करने से डर लगता है, एक बार उसे करने का साहस जगा ही लीजिए। जीवन भर का डर दूर हो जाएगा क्योंकि साहस एक ऐसा गुण है, जो हमें जीवन में आगे बढ़ने और सफल होने में मदद करता है। जो मुकद्दर में है, उसे आप तो क्या, कोई अपाहिज भी पा लेगा, आप तो उसे पाकर दिखाइए, जो आपके मुकद्दर में नहीं है। भाग्य से ज्यादा मेहनत पर विश्वास रखिए। भाग्य लिफ्ट की तरह है और मेहनत सीढ़ियों की तरह। लिफ्ट कभी बंद भी हो सकती है, परंतु सीढ़ियां ऊंचाई की तरफ ले जाती रहती हैं और रिश्तो में दरार आ गई हो तो दरार मिटाइए, रिश्ते नहीं। नाखून बढ़ जाने पर नाखून ही काटे जाते हैं, पूरी अंगुलियां नहीं….
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

